эй шудаи сар то ба по чу гулбуни пари гул

نسیم فیض تا شد جلوه‌گر در نو بهار دل

Турра дастор карда дастаи кокул

پر جبریل سر زد جای برگ از شاخسار دل

Кори камар танг карда тоби камарбанд

ز عقل آشفتگان عشق کفر و دین چه می‌پرسی!

Тарафи каллаи бршкстаҳи тарзи тағофул

که رنگ کعبه و بتخانه ریزند از غبار دل

Хандаи барангехтаи зи лаъл чу ғунча

هنوز این شعله در نگرفته، آتش در دو عالم زد

Жолаи бромихтаҳ ба чеҳра чун гул

چنین گرم از چه آتش جسته است آیا شرار دل؟

Барги саман сабз карда тарафи биногваш

ز سر خواهد گذشتن آسمان را آب چشم من

Чашмаи Хизр об дода сабзаи сунбул

چنین خواهد اگر دادن غم هجران فشار دل

Зулф ба ибтоли имтиноъи тноҳӣ

تو رفتی از کنارم لیک دانم برنمی‌خیزد

Хам ба хам исбот карда ҳукми тасалсул

غم هجر تو تا روز قیامت از کنار دل

Гӯшаи дунболаи зеби чашми сияҳи маст

چه دشوارست کار دیده در حرمان دیدارت

Серума фишон дар гулӯии нолаи булбул

ولی با یاد رخسارت چه آسانست کار دل

Новаки мижгони оби хӯрдаи зи шухӣ

من و دل در هوایت عاشق و معشوق گشتیم

Нашутур шарёни гушои тобу таҳаммул

خوشا دل بی‌قرار من، خوشا من بی‌قرار دل

Ваъдаи Фромши табассуми лаби мижгон

مسلّم ملک خوبی شهریاری را که هر ساعت

намефиканд дар баннои сабри тазалзул

به زور بازوی مژگان کند فتح حصار دل

Бо ҳамаи хорӣ ба пушти гармии лутфат

بر، از وصلش نشاید خوردن اما در تمنّایش

Ҳеҷ накардем аз рақиби таназзул

گل حسرت توان چیدن ز باغ خار خار دل

Додани коми дилӣ ба ҳеҷ , тасаллӣ

از آن وحشت خبر دارم که گر دل از تو بردارم

Ин ҳама бераҳм ман надошт таъаммул

نه دل آید به کار من، نه من آیم به کار دل

Карда дар айёми нуктасанҷӣ табъат

تو در قم خفته‌ای فیّاض ولیکن ترسمت غافل

Фикрати файёзи хатми тарзи тағаззул

سبکتازان تبریزی کنند آخر شکار دل