Мижа чу дар нами ашки ҷигари фишори кашам

ندید کشتِ‌ امل قطره‌ای ز جوی کسم

Ба ҷилваи гоҳи хазони тарҳи сад баҳори кашам

به آب آینه رو شست چهرة هوسم

Ба чеҳраи барги хазонам вале ба давлати ишқ

نسیم بوی گلی تازه بر مشامم زد

Наҳашт гиря ки хамёза бар баҳори кашам

به احتیاط بگیرید رخنة قفسم

Савод хон хат сабз метавонад шуд

فغان که شیونم آخر به گوش کس نرسید

Ба чашми зоҳид агар серумаи зини ғубори кашам

میان قافله گم گشت نالة جرسم

Ба дасти ваъдаи мадаи ихтиёри қатли маро

به دست کوتهم اندیشة بلندی هست

Кҳнисти тоқати онам ки интизори кашам

هوای جلوة عنقاست در پر مگسم

Дуои зи сайди иҷобат чаҳ тараф барбандад

هزار مطلب سر بسته در دلم گر هست

Ба нолае ки ман аз синаи фигори кашам

ولی ز شرم طلب تنگ می‌شود نفسم

Киришмасанҷӣ доғами баҳор сад чаманаст

کلاه گوشة فقرم به فرق ارزانی

Чаҳ лозимаст ки ҳасрат ба лолаи зори кашам

کزو به دولت جاید هست دسترسم

Ба ин ҳаёт чаро бояд аз аҷал тарсид

گذشت تیغ وی از ننگ خون من فیّاض

Чаҳ бода рӯз кашидам ки шаби хумори кашам !

قبول شعله نگردید مشت خار و خسم