Бар дар май хона то мақом гирифтам

بر در می‌خانه تا مقام گرفتم

Аз фалаки сифла интиқом гирифтам

از فلک سفله انتقام گرفتم

Хизмати минои алии алсбоҳи расидам

خدمت مینا علی الصباح رسیدم

Соғари саҳбои алӣ алдўом гирифтам

ساغر صهبا علی الدوام گرفتم

Дар раҳи соқӣ ба инкисор фитодам

در ره ساقی به انکسار فتادم

Домани мутриб ба эҳтиром гирифтам

دامن مطرب به احترام گرفتم

Хирқаи ниҳодам ба раҳну бодаи харидам

خرقه نهادم به رهن و باده خریدم

Сбҳаҳ фикандам зи даст ва ҷом гирифтам

سبحه فکندم ز دست و جام گرفتم

Ҳеҷ нашуд ҳосилами зи риштаи тасбеҳ

هیچ نشد حاصلم ز رشتهٔ تسبیح

Ҳалқаи он зулфи машк фом гирифтам

حلقهٔ آن زلف مشک فام گرفتم

Парда барандохтам аз ани руху гесу

پرده برانداختم از ان رخ و گیسو

Коми дил аз даври субҳ ва шом гирифтам

کام دل از دور صبح و شام گرفتم

Тарк талаб кун ки дар тариқи иродат

ترک طلب کن که در طریق ارادت

Матлаби худро ба тарк ком гирифтам

مطلب خود را به ترک کام گرفتم

Хоҷаи зи ман то гирифт хати ғуломӣ

خواجه ز من تا گرفت خط غلامی

Тоҷўронро камӣн ғулом гирифтам

تاجوران را کمین غلام گرفتم

Пухта шудам то зи ҷоми софи муҳаббат

پخته شدم تا ز جام صاف محبت

Нукта ба дардии кашон хом гирифтам

نکته به دردی کشان خام گرفتم

Як ду қадаҳ мекашидам аз хами ваҳдат

یک دو قدح می‌ کشیدم از خم وحدت

Дод диламро зи хос ва ом гирифтам

داد دلم را ز خاص و عام گرفتم

Бас ки нхФтми шубони тираи фурӯғӣ

بس که نخفتم شبان تیره فروغی

Ҳоҷати худ зон ма тамом гирифтам

حاجت خود زان مه تمام گرفتم