Ба ду гесуи ма рӯй ту на чандон аҷаб аст

به دو گیسو مه روی تو نه چندان عجب است

Арсаи ҷилваи хуршеди миёни ду шаб аст

عرصه جلوه خورشید میان دو شب است

Ҷони ширин ба кадомин бисипорам чаҳ кунам

جان شیرین به کدامین بسپارم چه کنم

Ду дилам дар дили ман то ҳаваси он ду лаб аст

دو دلم در دل من تا هوس آن دو لب است

На вафо аз ту ба дил май гузаронам на висол

نه وفا از تو به دل می‌گذرانم نه وصال

Ҷони надодам ба ту , навмидии ман зин сабаб аст

جان ندادم به تو، نومیدی من زین سبب است

Нест мақдӯр касе лиззати идроки висол

نیست مقدور کسی لذت ادراک وصال

Толибони завқ ки доранд ҳамон дар талаб аст

طالبان ذوق که دارند همان در طلب است

Пеши ту коми дили худ ба забон чун орм

پیش تو کام دل خود به زبان چون آرم

зи ман изҳори таманно ба ту тарк адаб аст

ز من اظهار تمنا به تو ترک ادب است

Шавқи лаъли ту маро дар ?илам ва ғам дорад

شوق لعل تو مرا در الم و غم دارد

Гарчи кайфият май мӯҷиби завқ ва тараб аст

گرچه کیفیت می موجب ذوق و طرب است

Гуфтам эй шӯхи фузулӣ ба ту майлӣ дорад

گفتم ای شوخ فضولی به تو میلی دارد

Гуфт зин беадабиҳост ки инаш лақаб аст

گفت زین بی‌ادبی‌هاست که اینش لقب است