Чун шамъи сӯхти оташи меҳнати тани маро
چون شمع سوخت آتش محنت تن مرا
Ғами пораи пораи сохт дили равшани маро
غم پاره پاره ساخت دل روشن مرا
Бар ман бсухт дар ғами ишқати дили рақиб
بر من بسوخت در غم عشقت دل رقیب
Шодам ки ғам бсухт дили душмани маро
شادم که غم بسوخت دل دشمن مرا
Воҷиб шуд иҷтиноби ман аз моҳи пайкарон
واجب شد اجتناب من از ماه پیکران
Чун фарз кардаанд бахуди куштани маро
چون فرض کرده اند بخود کشتن مرا
Мардуми бдоғи лолаи рухони гарӣҳои абр
مردم بداغ لاله رخان گریهای ابر
Хоҳам ки лола зор кунад мадфани маро
خواهم که لاله زار کند مدفن مرا
Сӯем намекунад ?илам бе касе гузар
سویم نمی کند الم بی کسی گذر
То ғам шинохтаст раҳи маскани маро
تا غم شناخت است ره مسکن مرا
Умрӣаст каз либоси таъаллуқи муҷаррадам
عمریست کز لباس تعلق مجردم
Нагирифтааст дасти ғамии домани маро
نگرفته است دست غمی دامن مرا
Аз ғам маро намонад фузулии раҳи гурез
از غم مرا نماند فضولی ره گریز
Бигирифт сайли тафриқаи пиромни маро
بگرفت سیل تفرقه پیرامن مرا