Ҳеҷ гуҳ бар ҳоли ман раҳмӣ намеояд туро

هیچ‌گه بر حال من رحمی نمی‌آید ترا

Май кашии моро магари ошиқ наме бояд туро

می‌کشی ما را مگر عاشق نمی‌باید ترا

намешавад оташи зи боди афзӯн чаҳ бошадгар мудом

می‌شود آتش ز باد افزون چه باشد گر مدام

Ҳасани рӯзи афзӯни зи оҳи ман биафзояди туро

حسن روز افزون ز آه من بیفزاید ترا

Гар зи ман дар хотири покизаи дории изтироб

گر ز من در خاطر پاکیزه داری اضطراب

Ман шавам овора то хотир биёсоед туро

من شوم آواره تا خاطر بیاساید ترا

Чарх медонад ки дар ман тоби дидор ту нест

چرخ می‌داند که در من تاب دیدار تو نیست

Зини сабаб ҳаргиз намехоҳад ки бинмоед туро

زین سبب هرگز نمی‌خواهد که بنماید ترا

Бастаи худро ба он шохи гул эй дили ғунчаи вор

بسته خود را به آن شاخ گل ای دل غنچه‌وار

То накардӣ даври азуи он ба ки накушояд туро

تا نکردی دور ازو آن به که نگشاید ترا

Дар ҷафо ва дар вафо эй маи надории ихтиёр

در جفا و در وفا ای مه نداری اختیار

Нашъа ҳасанаст ҳоким то чаҳ фармоед туро

نشئهٔ حُسن است حاکم تا چه فرماید ترا

наменаҳй сар бар раҳи он маи фузулии дам ба дам

می‌نهی سر بر ره آن مه فضولی دم به دم

Зини шараф шояд ки сар бар осмон сояд туро

زین شرف شاید که سر بر آسمان ساید ترا