Баҳри дафъи душману фатҳи билоду ҳифзи нафас
بهر دفع دشمن و فتح بلاد و حفظ نفس
Подшаҳро миннати хайлу ҳашам бояд кашид
پادشه را منت خیل و حشم باید کشید
Муҳаррамони Подшаҳро аз барои ъзу ҷоҳ
محرمان پادشه را از برای عز و جاه
Ранҷ бояд дид дар хизмати ?илам бояд кашид
رنج باید دید در خدمت الم باید کشید
Манъмони маликро аз муҳаррамони Подшаҳ
منعمان ملک را از محرمان پادشه
Муттасил дар касби ҷамъияти ситам бояд кашид
متصل در کسب جمعیت ستم باید کشید
Муфлисон кам қаноатро зи баҳри луқма
مفلسان کم قناعت را ز بهر لقمه
Аз суккони манъмони пайвастаи ғам бояд кашид
از سکان منعمان پیوسته غم باید کشید
Гӯшаи гирони қаноати варзро дар кунҷи фақр
گوشه گیران قناعت ورز را در کنج فقر
Меҳнати стар тану қӯти шикам бояд кашид
محنت ستر تن و قوت شکم باید کشید
Ҳар крои майл иқомат ҳаст дар дунёии дун
هر کرا میل اقامت هست در دنیای دون
Бар хати ҷамъияти хотири қалам бояд кашид
بر خط جمعیت خاطر قلم باید کشید
ё бибояд сохт бо меҳнати баҳри ҳоле ки ҳаст
یا بباید ساخت با محنت بهر حالی که هست
ё азин сари манзили меҳнати қадам бояд кашид
یا ازین سر منزل محنت قدم باید کشید