Дӯши тифлии парӣ рухӣ дидам
دوش طفلی پری رخی دیدم
Гуфтам эй шӯхи шаккарини гуфтор
گفتم ای شوخ شکرین گفتار
Ту чаро аз камоли истиғно
تو چرا از کمال استغنا
Фориғӣ аз машаққати ҳамаи ҳор
فارغی از مشقت همه حار
Падар ва модаранд дар так ва ду
پدر و مادرند در تک و دو
То туро парваранд лайл ва наҳор
تا ترا پرورند لیل و نهار
Гуфт мо комилон давронем
گفت ما کاملان دورانیم
Ноқсоннди ин гуруҳи кбор
ناقصانند این گروه کبار
Зонка Тифлем мо ва бар Тифлон
زانکه طفلیم ما و بر طفلان
Нест воҷиби риояти атвор
نیست واجب رعایت اطوار
Ки шавем аз хилофи он одат
که شویم از خلاف آن عادت
Қобили ради эзади ҷаббор
قابل رد ایزد جبار
Лек ин болиғон то болиғ
لیک این بالغان تا بالغ
Ки дам аз ақл мезананду виқор
که دم از عقل می زنند و وقار
Нестанд ончунон ки май бояд
نیستند آنچنان که می باید
Ноқсоннду нотамоми айёр
ناقصانند و ناتمام عیار
Ноқисон гар кунанд дар олам
ناقصان گر کنند در عالم
Хизмат комилон набошад ор
خدمت کاملان نباشد عار