Хсрўо эй онкии қаҳрати рӯзи разму гоҳи кин
خسروا ای آنکه قهرت روز رزم و گاه کین
Чархро бо тираи хоки раҳ баробар ме кунад
چرخ را با تیره خاک ره برابر میکند
Гар набӯд онкии бинии рӯзи разми андари ҳаво
گر نبود آنکه بینی روز رزم اندر هوا
Рӯзгор аз бими теғати хок бар сар ме кунад
روزگار از بیم تیغت خاک بر سر میکند
Ҳоҷатат набӯд ба ханҷари рӯзи кин каз рӯй кин
حاجتت نبود به خنجر روز کین کز روی کین
Гардиши мижгони чашмати кор ханҷар ме кунад
گردش مژگان چشمت کار خنجر میکند
Буриш аз бозуӣ арғўнст наз барандаи теғ
بُرّش از بازوی ارغونست نز برنده تیغ
Бо бдондишш магӯ кин ҳарф бовар ме кунад
با بداندیشش مگو کاین حرف باور میکند
Зулфиқор чаҳ ки Амр ъбдўд дорад хабар
ذوالفقار چه که عمرو عبدوُد دارد خبر
Кончаҳ бо ӯ мекунад бозуӣ ҳайдар ме кунад
کآنچه با او میکند بازوی حیدر میکند
Хсрўои шахсеи сети нӯронии ҷамол аз аҳли нур
خسروا شخصیست نورانی جمال از اهل نور
Каз ҷамоли хеши базмамро мунаввар ме кунад
کز جمال خویش بزمم را منور میکند
Нурӣаст аммо зи урёнӣ ба нури офтоб
نوری است امّا ز عریانی به نور آفتاب
Ояти нури алии нур инак аз бар ме кунад
آیت نور علی نور اینک از بر میکند
Ҳаст чун теғи ту урёни лоҷарам чун теғи ту
هست چون تیغ تو عریان لاجرم چون تیغ تو
Зошки хунини рухи пар аз ёқӯт аҳмар ме кунад
زاشک خونین رخ پر از یاقوت احمر میکند
Аз ғуломӣ ту дорад гуфтугӯи венаи ҳарф ро
از غلامی تو دارد گفتگو وین حرف را
Қанд май пиндораду ҳрдм мукаррар ме кунад
قند میپندارد و هردم مکرر میکند
Ҳарчӣ мегӯям макун ин орзӯро лаб бабанд
هرچه میگویم مکن این آرزو را لب ببند
Кин ҳавасро чархи олии қадар камтар ме кунад
کاین هوس را چرخ عالیقدر کمتر میکند
ӯ ҳаме гуяд кигар алтоф шаҳ бошад қарин
او همیگوید که گر الطاف شه باشد قرین
Қадари хоки тираро аз чарх бартар ме кунад
قدر خاک تیره را از چرخ برتر میکند