Ту суф ва пӯстин дории зимистон
تو صوف و پوستین داری زمستان
Чаҳ ғами дории зърёни балокаш
چه غم داری زعریان بلاکش
( якеро ҷома сармо танураст )
(یکی را جامه سرما تنورست)
( ту даст аз даври мидорӣ бар оташ )
( تو دست از دور میداری بر آتش)
Ту суф ва пӯстин дории зимистон
تو صوف و پوستین داری زمستان
Чаҳ ғами дории зърёни балокаш
چه غم داری زعریان بلاکش
( якеро ҷома сармо танураст )
(یکی را جامه سرما تنورست)
( ту даст аз даври мидорӣ бар оташ )
( تو دست از دور میداری بر آتش)