Дишаби он гӣли дили афрӯз , ки бемор ӯем
دیشب آن گیل دلافروز، که بیمار اویم
Иттифоқан ба ман афтод гузораши зи қазо
اتفاقا به من افتاد گذارش ز قضا
Гуфт : ҳон чунӣу тии ҳол ба май ишқ чаҳ бӯ ?
گفت: هان چونی و تی حال به می عشق چه بو؟
Гуфтамаш : ҳеҷ ксоўотии марои кори мбо
گفتمش: هیچ کساواتی مرا کار مبا
Ман дарвеши ситами дида чу бемори туам
من درویش ستمدیده چو بیمار توام
Равшанаст ин ки : ба ҳар ҳоли чунин зори басо
روشن است این که: به هر حال چنین زار بسا
Қосим аз хандаи он ёр шуд аз дасти тамом
قاسم از خنده آن یار شد از دست تمام
Гуфт : хобўзиаҳ аз ишқи турои боди бақо !
گفت: خابوزیه از عشق ترا باد بقا!
Дар ситам шуд зи ман , аз ноз мукаррар мегуфт :
در ستم شد ز من، از ناز مکرر میگفت:
Ёр бо ҳеҷ касе ҳоли чунин зори мбо
یار با هیچ کسی حال چنین زار مبا