Об шуд дили дасту по аз ман намеояд дигар
آب شد دل دست و پا از من نمیآید دگر
Қатра шуд дарёи шино аз ман намеояд дигар
قطره شد دریا شنا از من نمیآید دگر
Дида шуд то ҳам нишин бо чашми масти серумаи дор
دیده شد تا همنشین با چشم مست سرمهدار
Лаби фурӯи бастами садо аз ман намеояд дигар
لب فرو بستم صدا از من نمیآید دگر
Чун ҳубоб аз танги зарфӣ дар ту эй дарёии ҳасан
چون حباب از تنگ ظرفی در تو ای دریای حسن
Як нафас бӯдани ҷудо аз ман намеояд дигар
یک نفس بودن جدا از من نمیآید دگر
Бетуам ғамгинтар аз шоми ғарибон , ҳамчуи субҳ
بی توام غمگینتر از شام غریبان، همچو صبح
Хандаи дандони намо аз ман намеояд дигар
خنده دنداننما از من نمیآید دگر
намекунам рангин ба хӯни хештани сарпанҷа ро
میکنم رنگین به خون خویشتن سرپنجه را
Хоҳиши ранги ҳино аз ман намеояд дигар
خواهش رنگ حنا از من نمیآید دگر
Кардаам розӣ ба буии устихонии хеш ро
کردهام راضی به بوی استخوانی خویش را
Туъмаи ҷӯӣ чун ҳумо аз ман намеояд дигар
طعمه جویی چون هما از من نمیآید دگر
Ҳиҷрро қассоби тадбирӣ ба ғайр аз васл нест
هجر را قصاب تدبیری به غیر از وصل نیست
Фикри дард бедаво аз ман намеояд дигар
فکر درد بیدوا از من نمیآید دگر