Зон зард шуд аз доғ ва дард рӯем

زان زرد شد از داغ و درد رویم

Зеро ки бўсл ту нест рӯем

زیرا که بوصل تو نیست رویم

Ман роҳ наёбам сӯии ту доне

من راه نیابم سوی تو دانی

Ҳарчанд басӯии ту роҳ ҷӯям

هرچند بسوی تو راه جویم

Зон пас ки ҳамаи рӯз бо ту будам

زان پس که همه روز با تو بودم

Пӯшида набӯд аз ту рӯй ва мӯем

پوشیده نبود از تو روی و مویم

Чу нони нгсстии зи ман ки рӯзӣ

چو نان نگسستی ز من که روزی

Орад бар ту бод тунд бӯем

آرد بر تو باد تند بویم

То рӯй бшўроби чашми шўӣӣ

تا روی بشوراب چشم شوئی

Ман рӯй ба об дида шавем

من روی به آب دیده شویم

Чун бар гузарии ном ту бигӯям

چون بر گذری نام تو بگویم

Аз давр кунад бар хурӯш рӯем

از دور کند بر خروش رویم

Дар дида шавад сршг рӯем

در دیده شود سرشگ رویم

Чун давр кунад пайк ту бигӯям

چون دور کند پیک تو بگویم

Бо кас натавонам ҳадиси гуфтан

با کس نتوانم حدیث گفتن

Гуҳи гоҳи бхлўт ғам мӯем

گه گاه بخلوت غم مویم

Розами бҷҳони кас нигаҳ надорад

رازم بجهان کس نگه ندارد

Ман рози ту ҷуз бо ту бо ки гӯям

من راز تو جز با تو با که گویم