Дар ишқам орзӯаст ки дилро тараби даҳум
در عشقم آرزوست که دل را طرب دهم
То сад ҳазор бӯса бар он чашму лаби даҳум
تا صد هزار بوسه بر آن چشم و لب دهم
Аз ршги ин ду дида ва аз ршги он ду лаб
از رشگ این دو دیده و از رشگ آن دو لب
Ҳам нақли турфаи созам ва ҳам май аҷаби даҳум
هم نقل طرفه سازم و هم می عجب دهم
Дилро ки сғбаҳ ту кунам беғараз кунам
دل را که سغبه تو کنم بی غرض کنم
Ҷонро ки молаши ту даҳум бе сабаби даҳум
جان را که مالش تو دهم بی سبب دهم
Маншури офтоби зи даргоҳи осмон
منشور آفتاب ز درگاه آسمان
Онкӣ расад ки ҳасани туро ман лақаби даҳум
آنکه رسد که حسن تو را من لقب دهم
Чун шохи руз ба фасли хазони зарду лоғарам
چون شاخ رز به فصل خزان زرد و لاغرم
ТогФтаҳ эй ки аз хами зулфати ънби даҳум
تاگفته ای که از خم زلفت عنب دهم
Дил беадаб шудаст тақозо ҳаме кунад
دل بی ادب شدست تقاضا همی کند
То ман зи бодаи лабат ӯро тараби даҳум
تا من ز باده لبت او را طرب دهم
Гирам ки мстӣӣ надиҳӣ длброи маро
گیرم که مستئی ندهی دلبرا مرا
Чандон бидиҳ ки дар хури ин бе адаби даҳум
چندان بده که در خور این بی ادب دهم
Гуфтӣ қўомё чаҳ дуӣ гирди ман ба рӯз
گفتی قوامیا چه دوی گرد من به روز
Ман бори ошиқони ҷФокш ба шаби даҳум
من بار عاشقان جفاکش به شب دهم
эй ёри меҳрбони пас агар ошиқони ту
ای یار مهربان پس اگر عاشقان تو
Вар занад меҳри дил на ки ман меҳри лаби даҳум
ور زند مهر دل نه که من مهر لب دهم