Соқии сухани зи машъала тавр ме кунад
ساقی سخن ز مشعله طور می کند
Мутриби ҳикоят аз лаб Мансур ме кунад
مطرب حکایت از لب منصور می کند
Девонаи хароби бўиронаҳи сароб
دیوانه خراب بویرانه سراب
Ёд аз баннои хона маъмур ме кунад
یاد از بنای خانه معمور می کند
Андешаро здли набарди ҷузи шароби ишқ
اندیشه را زدل نبرد جز شراب عشق
Оташи алоҷи хона занбӯр ме кунад
آتش علاج خانه زنبور می کند
Карданд гавҳари дили моро зкони чарх
کردند گوهر دل ما را زکان چرخ
Фирӯзаи ёди хок ншобўр ме кунад
فیروزه یاد خاک نشابور می کند
Зоҳид ки кофараст бъини алҳиўаҳи ишқ
زاهد که کافر است بعین الحیوه عشق
Ҳар дами ҳадиси чашма кофур ме кунад
هر دم حدیث چشمه کافور می کند
Хмхонаҳи дил аз май гулгун лаболаб аст
خمخانه دل از می گلگون لبالب است
То ёд аз он ду наргис махмур ме кунад
تا یاد از آن دو نرگس مخمور می کند
Зини ваъз беасар ки надорад аз ӯ хабар
زین وعظ بی اثر که ندارد از او خبر
Ҷону дилаш , чаҳ Фоӣдаҳ манзур ме кунад
جان و دلش، چه فائده منظور می کند
Чандини зи нахи бтънаҳи риндон чаро занад
چندین ز نخ بطعنه رندان چرا زند
Гар иҷтиноб аз сухан зӯр ме кунад
گر اجتناب از سخن زور می کند
Чндонкаҳи гӯши ҳуши ниҳодами бўъзи шайх
چندانکه گوش هوش نهادم بوعظ شیخ
Дидам ки халқро зи худо давр ме кунад
دیدم که خلق را ز خدا دور می کند
Чандини намозу рӯза на зоҳид барои ҳақ
چندین نماز و روزه نه زاهد برای حق
Каз шавқи хулду ишқи лаб ҳур ме кунад
کز شوق خلد و عشق لب حور می کند
Рӯз қиёматасту сроФили ишқу ҷон
روز قیامت است و سرافیل عشق و جان
Дар тани равони бнФхаҳи ин сувар ме кунад
در تن روان بنفخه این صور می کند
Бишинав ки сангу кӯҳ ва дару дашти ҳамдамӣ
بشنو که سنگ و کوه و در و دشت همدمی
Довӯдро бнғмаҳ мзмўр ме кунад
داود را بنغمه مزمور می کند
Гар ваъзи шайх дар дили оқил асар накард
گر وعظ شیخ در دل عاقل اثر نکرد
Банки неу тронаҳ танбур ме кунад
بانک نی و طرانه تنبور می کند
Дар ҳайратам ки ҳар ки надонад ҳадиси ишқ
در حیرتم که هر که نداند حدیث عشق
Дилро дар ин ҷаҳони бача масрур ме кунад
دل را در این جهان بچه مسرور می کند