Дурӯғ гуфтаам ар гуфта ам шудам зи ту давр

دروغ گفته ام ار گفته ام شدم ز تو دور

Хилоф кардаам ар кардаам дил аз ту нФўр

خلاف کرده ام ار کرده ام دل از تو نفور

Накардаам ба дили андешаи ҷдоӣии ту

نکرده ام به دل اندیشه جدائی تو

Наузи биллоҳ аз андешаи зи дониши давр

نعوذ بالله از اندیشه ز دانش دور

На ман зи даврӣ рӯй ту гашта ам хурсанд

نه من ز دوری روی تو گشته ام خرسند

На дил шудаи сет ба пуштии сабри худ мағрур

نه دل شده ست به پشتی صبر خود مغرور

Ҳануз ишқ ту дорад серум чаҳ ҷои фироқ

هنوز عشق تو دارد سرم چه جای فراغ

Ҳануз доғ ту дорад дилам чаҳ ҷои ғурур

هنوز داغ تو دارد دلم چه جای غرور

Ба рӯзгори ҷамоли ту дрбсити замин

به روزگار جمال تو دربسیط زمین

Касе намонад ба тақво дилӣ намонад сабур

کسی نماند به تقوی دلی نماند صبور

Дилӣ ки ишқи ту варзед кӣ буд собир

دلی که عشق تو ورزید کی بود صابر

Касе ки рӯй туро дид кӣ шавад мастур

کسی که روی ترا دید کی شود مستور

Ба бахти бади сафару ғурбатами таманно буд

به بخت بد سفر و غربتم تمنا بود

Ки то шудам зи ҷамоли муборакати маҳҷӯр

که تا شدم ز جمال مبارکت مهجور

Чаҳ узри пеши ту орм ки бе ту зиста ам

چه عذر پیش تو آرم که بی تو زیسته ام

Ҳар онкӣ бе ту буд зинда чун буд масрур

هر آنکه بی تو بود زنده چون بود مسرور

Шикастае дили ман ҳамчуи зулфи хеш ва ҳануз

شکسته ای دل من همچو زلف خویش و هنوز

Ба бӯсаи ӣисти туро бо ман шикастаи ксўр

به بوسه ئیست ترا با من شکسته کسور

Дилами алоҷи пазирад агар ба раҳмату лутф

دلم علاج پذیرد اگر به رحمت و لطف

Бадв кунӣ назарӣ аз ду наргиси махмур

بدو کنی نظری از دو نرگس مخمور

Ба ҷузи ду наргиси махмур ту накард касе

به جز دو نرگس مخمور تو نکرد کسی

Алоҷи мардуми ранҷуру хештани ранҷур

علاج مردم رنجور و خویشتن رنجور

зи шӯри зулф ту афтод дар ҷаҳони фитна

ز شور زلف تو افتاد در جهان فتنه

зи саҳари чашм ту бархест аз замонаи Фтўр

ز سحر چشم تو برخاست از زمانه فتور

зи ҷодўӣӣ ба мақомӣ расед наргиси ту

ز جادوئی به مقامی رسید نرگس تو

Ки сокинон чаҳ Бобулаш буд муздур

که ساکنان چه بابلش بود مزدور

Ба содагии дили ман барадӣ ва кунун бтар аст

به سادگی دل من بردی و کنون بتر است

Ки боз бар серум овардае хаттии маншур

که باز بر سرم آورده ای خطی منشور