эй хусравӣ ки фитнаи нишони оби теғи ту

ای خسروی که فتنه نشان آب تیغ تو

Рӯй замонаро зи ғубор Фтн бишуст

روی زمانه را ز غبار فتن بشست

Бар тарафи боғи коми лаби ҷӯии орзӯ

بر طرف باغ کام لب جوی آرزو

Шодобтар зи бахти ту як сарв бен нараст

شادابتر ز بخت تو یک سرو بن نرست

Хосиятӣ ки табъ маро ҳаст дар вафо

خاصیتی که طبع مرا هست در وفا

Длҷўиӣӣ намӯд ки маъҳуди аҳди тест

دلجویئی نمود که معهود عهد تست

Дар дафъи фитнаи аикаҳи қазо зон карона кард

در دفع فتنه ایکه قضا زان کرانه کرد

Ҳзми ту пеш рафту миёнро бибаст чуст

حزم تو پیش رفت و میان را ببست چست

Гар бастаи бади дарӣ ба мувосот баргушод

گر بسته بد دری به مواسات برگشاد

Гар хастаи бади дилӣ ба мурооти бозҷст

گر خسته بد دلی به مراعات بازجست

Сяти ту соираст хусӯс аз мдиҳи ман

صیت تو سایر است خصوص از مدیح من

Аз Макка то ба хлх ва аз Миср то ба баст

از مکه تا به خلخ و از مصر تا به بست

Гар гашти таби муъоризи арзат худоӣ дод

گر گشت تب معارض عرضت خدای داد

Тавфиқи хайру буии шифои соъати нахуст

توفیق خیر و بوی شفا ساعت نخست

Найранги нақш ҷӯад набошад ба таби табоҳ

نیرنگ نقش جود نباشد به تب تباه

Бунёди зот хайр нагардад ба ранҷи суст

بنیاد ذات خیر نگردد به رنج سست

Бадрӯди бод ҳар ки набошадат никхўоаҳ

بدرود باد هر که نباشدت نیکخواه

Ранҷури бод онкӣ нахоҳадат тани дуруст

رنجور باد آنکه نخواهدت تن درست