эй баҳри броът ки замири ту ҷаҳон ро

ای بحر براعت که ضمیر تو جهان را

Доим ба атои лўлў мансур фиристад

دائم به عطا لولو منثور فرستد

Калакат дар носуфта ба ақтори расонад

کلکت در ناسفته به اقطار رساند

Табъати зари носхтаҳ ба ҷумҳӯр фиристад

طبعت زر ناسخته به جمهور فرستد

Назмӣ ки фиристодем аз рӯй тФзл

نظمی که فرستادیم از روی تفضل

Зонҳост ки хуршед ба ганҷур фиристад

زانهاست که خورشید به گنجور فرستد

Оре чаҳ шавад кам агар он гулбуни давлат

آری چه شود کم اگر آن گلبن دولت

Бўӣӣ ба дили хаста ранҷур фиристад

بوئی به دل خسته رنجور فرستد

Зон халқи муаттар чаҳ кам ояд ки насимӣ

زان خلق معطر چه کم آید که نسیمی

Наздики яке ошиқ маҳҷӯр фиристад

نزدیک یکی عاشق مهجور فرستد

Дар ҳавсилаи ин дил мҳмўм нагунҷад

در حوصله این دل مهموم نگنجد

Нўбоўаҳ каз он хотир масрур фиристад

نوباوه کز آن خاطر مسرور فرستد

Каси ҳастаи шаҳбоз ба дроҷи намояд

کس هسته شهباز به دراج نماید

ё туъмаи симурғ ба ъсФўр фиристад

یا طعمه سیمرغ به عصفور فرستد

Дили хост ки тартиб дъоӣӣ кунад аз сидқ

دل خواست که ترتیب دعائی کند از صدق

Вонгаҳи сӯии он соҳат маъмур фиристад

وانگه سوی آن ساحت معمور فرستد

Ақлаши зи сари таънаи қФоӣӣ ба сазо дод

عقلش ز سر طعنه قفائی به سزا داد

Яъне ки каси он хидраи сӯй тавр фиристад

یعنی که کس آن خدره سوی طور فرستد

Бар моҳ чаҳ миннат буд ар абр ба наврӯз

بر ماه چه منت بود ار ابر به نوروز

Аз ҳолаи варои хирман кофур фиристад

از هاله ورا خرمن کافور فرستد

Дар илми Уторид чаҳ фазоядгараш аз ҷаҳл

در علم عطارد چه فزاید گرش از جهل

Устоди луғати таҳта мстўр фиристад

استاد لغت تخته مسطور فرستد

Бошад з дар ханда чу чӯбаки зани лўрӣ

باشد ز در خنده چو چوبک زن لوری

Хотуни фалакро даф ва тнбўр фиристад

خاتون فلک را دف و طنبور فرستد

Чун сояи сияҳи рӯ буд он каз маи Нахшаб

چون سایه سیه رو بود آن کز مه نخشب

Хуршеди ҷаҳонро мадад аз нур фиристад

خورشید جهان را مدد از نور فرستد

Кайвон нашавад муфтахар аз рой ба ёряш

کیوان نشود مفتخر از رای به یاریش

Онкас ки ба ту рқъаҳ ноҷавр фиристад

آنکس که به تو رقعه ناجور فرستد

Он мастии ғифлат буд онкў ба тақарруб

آن مستی غفلت بود آنکو به تقرب

Наздики Хизри ҷуръа махмур фиристад

نزدیک خضر جرعه مخمور فرستد

Аз сода дилӣ бошад каз моки даҳ шӯх

از ساده دلی باشد کز ماک ده شوخ

Лухтии ҷигари сӯхтаи зӣ ҳур фиристад

لختی جگر سوخته زی حور فرستد

Шинӣ буд аз хармагасии қатраи шурӣ

شینی بود از خرمگسی قطره شوری

Зии хонаи шаш гӯша занбӯр фиристад

زی خانه شش گوشه زنبور فرستد

Кӣ бар тибқи бед бар хӯшаи парвин

کی بر طبق بید بر خوشه پروین

Деҳқони хрФи хӯша ангур фиристад

دهقان خرف خوشه انگور فرستد

Пирӯзӣ аз онкас натавон дошт тамаъи кӯ

پیروزی از آنکس نتوان داشت طمع کو

Пирӯзаи Кирмон ба ншобўр фиристад

پیروزه کرمان به نشابور فرستد

Каси нусхаи нақш дар гармоба ба тӯҳфа

کس نسخه نقش در گرمابه به تحفه

Бар дибаҳи чинии сӯй фағфур фиристад

بر دیبه چینی سوی فغفور فرستد

Онҷои ҳама аз ақл шунида дил ва ин назм

آنجا همه از عقل شنیده دل و این نظم

Мари шоҳи суханро ба чаҳ дастур фиристад

مر شاه سخن را به چه دستور فرستد

Ҷони алӣу ҷисми ҳусайну дили Заҳро

جان علی و جسم حسین و دل زهرا

Каз равзаи расӯлаши сӯии ҷон нур фиристад

کز روضه رسولش سوی جان نور فرستد

Он хусрави содот ки чархиш ба саодат

آن خسرو سادات که چرخش به سعادت

Итмоми сиёдатро ҳама маншур фиристад

اتمام سیادت را همه منشور فرستد

эй баҳри гҳрзоӣ ки мавҷи ту аду ро

ای بحر گهرزای که موج تو عدو را

Аз накбати нкбои сӯй дар давр фиристад

از نکبت نکبا سوی در دور فرستد

Қонеъи шӯи азин хок ба икзраҳи зи ихлос

قانع شو ازین خاک به یکذره ز اخلاص

Каз ҷон ба меҳр омада месур фиристад

کز جان به مهر آمده میسور فرستد

Тақсири мадонгар раҳе аз касрати ишғол

تقصیر مدان گر رهی از کثرت اشغال

Наздики ту ин қисса мстўр фиристад

نزدیک تو این قصه مسطور فرستد

Устоди схндонӣ ва кӣ айби намояд

استاد سخندانی و کی عیب نماید

Бо қитъа агар ҷоиза муздур фиристад

با قطعه اگر جایزه مزدور فرستد

Аз хон ваии ин моҳзрии сарди намояд

از خوان وی این ماحضری سرد نماید

Хосса чу зимистони зи раҳ давр фиристад

خاصه چو زمستان ز ره دور فرستد

Ту гарми мизоҷи Карамии вази раҳи ҳикмат

تو گرم مزاج کرمی وز ره حکمت

Шояд ки ба вориди сӯй мҳрўр фиристад

شاید که به وارد سوی محرور فرستد

Тарсад ки дилаш сард шавад каз дили тангаш

ترسد که دلش سرد شود کز دل تنگش

Мари садри турои тафта мсдўр фиристад

مر صدر ترا تفته مصدور فرستد

Он ба ки саноҳои туро хФиаҳ сарояд

آن به که ثناهای ترا خفیه سراید

Ва авроди дуоҳои ту мастур фиристад

و اوراد دعاهای تو مستور فرستد

То шоми абади бахти ту бедори бмонод

تا شام ابد بخت تو بیدار بماناد

То чархи зи хури соя ба диҷўр фиристад

تا چرخ ز خور سایه به دیجور فرستد

Брком ҷаҳон бош ту Мансуру Музаффар

برکام جهان باش تو منصور و مظفر

То хур ба ҷаҳони роят Мансур фиристад

تا خور به جهان رایت منصور فرستد

Хасмат шуда дар хоби шабӣ то дами субҳӣ

خصمت شده در خواب شبی تا دم صبحی

Коём ба болинаши дам сувар фиристад

کایام به بالینش دم صور فرستد

Аз қадари қадари рӯзии ту ҷоми тараби бод

از قدر قدر روزی تو جام طرب باد

То воҳби ҷони рӯзӣ мақдӯр фиристад

تا واهب جان روزی مقدور فرستد