Ба фоли фарруху пирӯзи бахту толеъи саъд
به فال فرخ و پیروز بخت و طالع سعد
Чу маи баромади шаҳи зода бар сарири сарвар
چو مه برآمد شه زاده بر سریر سرور
Чароғи дӯдаи слғр ки нури талъат ӯ
چراغ دوده سلغر که نور طلعت او
Кунад фурӯғи рухи офтобро мастур
کند فروغ رخ آفتاب را مستور
Ҷами дувуми ъздолдини паноҳи малики аҷам
جم دوم عضدالدین پناه ملک عجم
Ки ҳаст даргаи ъолиши қиблаи ҷумҳӯр
که هست درگه عالیش قبله جمهور
Хуҷастаи саъди абии бикри каши каминаи ғулом
خجسته سعد ابی بکر کش کمینه غلام
Фузунтараст ба ҳишмати зи қайсару фағфур
فزونتر است به حشمت ز قیصر و فغفور
зи нур рӯйиш шуд дашти ҳамчуи хирмани моҳ
ز نور رویش شد دشت همچو خرمن ماه
зи фар поиш шуд тахти ҳамчуи пояи тавр
ز فر پایش شد تخت همچو پایه طور
Фалаки ду то шуд ва аз меҳр бӯса додаш пой
فلک دو تا شد و از مهر بوسه دادش پای
Нисор кард кавокиб чу лўлўи мансур
نثار کرد کواکب چو لولو منثور
Барои нузҳати базми трбсроиш ро
برای نزهت بزم طربسرایش را
Ниҳод дар бар ноҳиди осмони тнбўр
نهاد در بر ناهید آسمان طنبور
Зиҳӣ ба қадару шарафи тайраи сипеҳру малик
زهی به قدر و شرف طیره سپهر و ملک
Хҳӣ ба илму сахои ғайрати ҷбобу бҳўр
خهی به علم و سخا غیرت جباب و بحور
Тўӣӣ ки лафзи ту гавҳар диҳад ба ҷои сухан
توئی که لفظ تو گوهر دهد به جای سخن
Тўӣӣ ки лутфи ту ҷони пурвирд ба вақти ҳузур
توئی که لطف تو جان پرورد به وقت حضور
Тўӣӣ ки хизмат ту ҳаст ҷисмҳоро ҷон
توئی که خدمت تو هست جسم ها را جان
Тўӣӣ ки талъат ту ҳаст чашмҳоро нур
توئی که طلعت تو هست چشم ها را نور
Ба ҳар куҷо ки кунӣ ҳукми ахтарони маҳкӯм
به هر کجا که کنی حکم اختران محکوم
Ба ҳар куҷо ки кунӣ амри осмони маъмур
به هر کجا که کنی امر آسمان مامور
зи гирди роҳи ту созанди кӯҳли дидаи чарх
ز گرد راه تو سازند کحل دیده چرخ
зи хоки пой ту ёбад абири гесуии ҳур
ز خاک پای تو یابد عبیر گیسوی حور
Сарои фитнаи зи таҳдид ту шавад вайрон
سرای فتنه ز تهدید تو شود ویران
Ҷаҳони амн ба тайид ту шавад маъмур
جهان امن به تائید تو شود معمور
Мухолифони ту худ нестанд ва гар ҳастанд
مخالفان تو خود نیستند و گر هستند
Шаванд ҷумла ба шамшери қаҳри ту мақҳур
شوند جمله به شمشیر قهر تو مقهور
Ҷаҳони пноҳои Ямани зифофи хуррами ту
جهان پناها یمن زفاف خرم تو
Ниҳод дар чамани ойину расми нузҳату сур
نهاد در چمن آئین و رسم نزهت و سور
Ҳавои софӣ бар вифқи ин сарвару фараҳ
هوای صافی بر وفق این سرور و فرح
Диҳад ба райҳони осори анбару кофур
دهد به ریحان آثار عنبر و کافور
зи баси нишоту тараби об дар мсоми дарахт
ز بس نشاط و طرب آب در مسام درخت
Гирифт хосияту табъи роўқи ангур
گرفت خاصیت و طبع راوق انگور
Ба рақси дршди сарви сеӣ чу шоҳиди маст
به رقص درشد سرو سهی چو شاهد مست
Усӯл ёфт чу қавл ва ғазал навой туюр
اصول یافت چو قول و غزل نوای طیور
Ба умри боқӣу айши ҳнӣу давлати шоҳ
به عمر باقی و عیش هنی و دولت شاه
Навишт котиби алавӣ ба номи ту маншур
نوشت کاتب علوی به نام تو منشور
Ба васфи зоти ту чун ақл кул шавад оҷиз
به وصف ذات تو چون عقل کل شود عاجز
Ба назд ақли магари аҷзи ман буд маъзӯр
به نزد عقل مگر عجز من بود معذور
Ба аз дуо набӯд хосса аз дам чу манӣ
به از دعا نبود خاصه از دم چو منی
Ки дар ситоиши ин хонадон буд машҳур
که در ستایش این خاندان بود مشهور
зи канаи васфи ту чун қосираст фикрати ман
ز کنه وصف تو چون قاصر است فکرت من
Чаҳ айби хезад агар мӯътариф шавам ба қусӯр
چه عیب خیزد اگر معترف شوم به قصور
Туро ба давлати шоҳи ҷаҳони худои ҷаҳон
ترا به دولت شاه جهان خدای جهان
Дҳоди умрӣ чун даври чархи номаҳсӯр
دهاد عمری چون دور چرخ نامحصور
Ба чашми нек назар кун ба ҳоли наздикон
به چشم نیک نظر کن به حال نزدیکان
Ки боди чашми бад аз чеҳраи камоли ту давр
که باد چشم بد از چهره کمال تو دور
Маро ба давлати хеш аз аноятат сиёнат кун
مرا به دولت خویش از عنایتت صیانت کن
Ки давлати ту масӯни бод аз ихтилолу Фтўр
که دولت تو مصون باد از اختلال و فتور