Ғами ишқи накӯён чун кунад дар синае манзил
غم عشق نکویان چون کند در سینهای منزل
Гудозади ҷисм ва гиряд чашм ва нолад ҷону сӯзади дил
گدازد جسم و گرید چشم و نالد جان و سوزد دل
Дил маҳмил нишин мушкили дарун маҳмил осоед
دل محمل نشین مشکل درون محمل آساید
Ҳазорон хастаи ҷони афшону хезон аз паии маҳмил
هزاران خسته جان افشان و خیزان از پی محمل
Миёни мо басӣ фарқаст эй ҳамдарди дами даракаш
میان ما بسی فرق است ای همدرد دم درکش
Ту хории дории андари по ва ман пайконеи андари дил
تو خاری داری اندر پا و من پیکانی اندر دل
На бол ва пар занад ҳангоми ҷон додани зи битобӣ
نه بال و پر زند هنگام جان دادن ز بیتابی
Ки май рақсади зи шавқи тир ӯ дар хоку хӯни бсмл
که میرقصد ز شوق تیر او در خاک و خون بسمل
Дар аввали ишқи мушкилтар з ҳар мушкил намӯд аммо
در اول عشق مشکلتر ز هر مشکل نمود اما
Азин мушкил дар охир бар ман осони гашт ҳар мушкил
ازین مشکل در آخر بر من آسان گشت هر مشکل
Ба ноҳақ гарчи зорами кишти ин баси хунбҳоии ман
به ناحق گرچه زارم کشت این بس خونبهای من
Ки баъд аз куштанами оҳии баромад аз дили қотил
که بعد از کشتنم آهی برآمد از دل قاتل
зи слмии манзили слмии тиҳӣ мондаасту ҳотиф ро
ز سلمی منزل سلمی تهی مانده است و هاتف را
Ҳикоятҳост боқӣ бар дару девори он манзил
حکایتهاست باقی بر در و دیوار آن منزل