Ба таъйиди дорои гардуни сипеҳр

به تایید دارای گردون سپهر

Ки лутфаш буд оби ин сабзи кишт

که لطفش بود آب این سبز کشت

Шуд аз ҳоҷии оқои Муҳамади ҷаҳон

شد از حاجی آقا محمد جهان

Хусӯси Исфаҳони рашки боғи биҳишт

خصوص اصفهان رشک باغ بهشت

Дар онҷои зи съиш ки мшкўри бод

در آنجا ز سعیش که مشکور باد

Шуд ободи ҳам масҷид ва ҳам кунишат

شد آباد هم مسجد و هم کنشت

БроФрохти бунёни афъоли нек

برافراخت بنیان افعال نیک

Барандохт бунёни аъмоли зишт

برانداخت بنیان اعمال زشت

Дар он шаҳри дилкаши яке боғи сохт

در آن شهر دلکش یکی باغ ساخت

Ки машку абираш буд хоку хишт

که مشک و عبیرش بود خاک و خشت

Гули ъушратомез он равза ро

گل عشرت‌آمیز آن روضه را

Ту гўӣӣ ки аз оби ҳайвони сиришт

تو گوئی که از آب حیوان سرشت

зи гесуии ънбрФшони ҳўръин

ز گیسوی عنبرفشان حورعین

Паии устувои замини риштаи рашт

پی استوای زمین رشته رشت

Хазонаш фараҳбахш чун навбаҳор

خزانش فرحبخش چون نوبهار

Дяши ҷонФзои ҳамчуи Урдӣбиҳишт

دیش جانفزا همچو اردیبهشت

Аз он длгшо ном кардаш хирад

از آن دلگشا نام کردش خرد

Ки дар дили тамошои он ғам наҳашт

که در دل تماشای آن غم نهشت

Чу он боғи фирдавс монанди ро

چو آن باغ فردوس مانند را

Ниҳоданд бунёд ҳотиф навишт

نهادند بنیاد هاتف نوشت

Ба шавқ аз паии соли таърихи он

به شوق از پی سال تاریخ آن

Ки доим буд длгшо чун биҳишт

که دایم بود دلگشا چون بهشت