Дареғу дард ки даври сипеҳри Фотима ро

دریغ و درد که دور سپهر فاطمه را

Ба коми рехт ба нокоми шарбати фурқат

به کام ریخت به ناکام شربت فرقت

Ҳазор ҳайфи азин мояи ифоф ки буд

هزار حیف ازین مایهٔ عفاف که بود

Тарози қомати раъноаши кисвати исмат

طراز قامت رعناش کسوت عصمت

Дил аз матоъ ҷаҳон кунад аз он ба осонӣ

دل از متاع جهان کند از آن به آسانی

Ки дошт дӯшу буриши зебу зинати иффат

که داشت دوش و برش زیب و زینت عفت

Азин сарои пурошӯб , ҷони огоҳаш

ازین سرای پرآشوب، جان آگاهش

Малули гашт ва равон шуд ба хилвати ҷинат

ملول گشت و روان شد به خلوت جنت

Чу сӯии базм ҷинон шуд зи базми ҳам нафасон

چو سوی بزم جنان شد ز بزم هم‌نفسان

Чаҳ бокаш аз ғами даврӣу крбту ғурбат

چه باکش از غم دوری و کربت و غربت

Ғараз чу кард азин гулистони пурхасу хор

غرض چو کرد ازین گلستان پرخس و خار

Ба сӯии гулшани ҷинати азимату риҳлат

به سوی گلشن جنت عزیمت و رحلت

Рақам зад аз паии таърихи риҳлаташи ҳотиф

رقم زد از پی تاریخ رحلتش هاتف

Макони Фотимаи бодо ба соҳати ҷинат

مکان فاطمه بادا به ساحت جنت