Сад ҳазор афсӯс каз бе Меҳрии гардуни ниҳод
صد هزار افسوس کز بیمهری گردون نهاد
Офтоби умри Юсуфи мирзои рӯ дар завол
آفتاب عمر یوسف میرزا رو در زوال
Моҳи авҷи иззат аз даври сипеҳр бе диранг
ماه اوج عزت از دور سپهر بیدرنگ
Ногуҳ аз авҷи шараф рӯ кард дар бурҷу бол
ناگه از اوج شرف رو کرد در برج و بال
Шуд ниҳон дар тираи хоки он қӣматии гавҳар ки буд
شد نهان در تیره خاک آن قیمتی گوهر که بود
Дарраи алтоҷи сиёдати қурраи алъайни камол
درة التاج سیادت قرة العین کمال
Туъмаи гург аҷал шуд Юсуфи рӯйиш чу бадар
طعمهٔ گرگ اجل شد یوسف رویش چو بدر
Ваз ғамаш шуд пушти ёқӯби фалаки хам чун ҳилол
وز غمش شد پشت یعقوب فلک خم چون هلال
Мурғи рӯҳи ломакони сайраши азин танги ошён
مرغ روح لامکان سیرش ازین تنگ آشیان
Пар фишон сӯии гулистон ҷинон багушӯд бол
پر فشان سوی گلستان جنان بگشود بال
Буд аз рухсору қомати ғайрати гули рашки сарв
بود از رخسار و قامت غیرت گل رشک سرو
Ҳайф аз он наврустаи гули афсӯс аз он нозуки ниҳол
حیف از آن نورسته گل افسوس از آن نازک نهال
Шуд гулии ночида дар боғи ҷинону мотамаш
شد گلی ناچیده در باغ جنان و ماتمش
Бехат бар фарқи ҷаҳони хоки ғаму гирди малол
بیخت بر فرق جهان خاک غم و گرد ملال
Чун ба шавқи гулшани хулди барин зини марҳала
چون به شوق گلشن خلد برین زین مرحله
Хаймаи иҷлол берун зад ба азми иртиҳол
خیمهٔ اجلال بیرون زد به عزم ارتحال
Ақл бо ҳотифи паии таърихи соли риҳлаташ
عقل با هاتف پی تاریخ سال رحلتش
Гуфт берун аз ҷаҳон шуд Юсуфи Мисри ҷалол
گفت بیرون از جهان شد یوسف مصر جلال