Дареғу дард каз бедоди гардун
دریغ و درد کز بیداد گردون
Шуд аз базми аҳбои мейри муъмин
شد از بزم احبا میر مؤمن
Азин вайронаи манзил рахт барбаст
ازین ویرانه منزل رخت بربست
Ба сӯии боғи тӯбои мейри муъмин
به سوی باغ طوبی میر مؤمن
Гирифташ дили азин дайри пурошӯб
گرفتش دل ازین دیر پرآشوب
Ба ҷинат кард маъвои мейри муъмин
به جنت کرد ماوا میر مؤمن
Дилаш аз ҳар ғамӣ осуд , чун ёфт
دلش از هر غمی آسود، چون یافت
Ба гулзори ҷинони ҷои мейри муъмин
به گلزار جنان جا میر مؤمن
Ғараз аз базми дунё чун шитобон
غرض از بزم دنیا چون شتابان
Равон шуд сӯии уқбои мейри муъмин
روان شد سوی عقبی میر مؤمن
Ба таърихаш рақам зад калаки ҳотиф
به تاریخش رقم زد کلک هاتف
Ки рафт аз базми дунёи мейри муъмин
که رفت از بزم دنیا میر مؤمن