Муҳӣти мурувват ки ҷӯяд ниқоб
محیط مروت که جوید نقاب
зи рашки замираши рухи офтоб
ز رشک ضمیرش رخ آفتاب
Сипеҳри футуввати Муҳаммадҳусайн
سپهر فتوت محمدحسین
Ҷаҳони карами хони волои ҷаноб
جهان کرمخان والا جناب
Амӣрӣ ки гарданкашонро буд
امیری که گردنکشان را بود
зи тавқи ғуломяши зеби рқоб
ز طوق غلامیش زیب رقاب
Далерӣ ки дорад зи сари панҷа аш
دلیری که دارد ز سر پنجهاش
Ҳамагар буд шери чархи изтироб
همه گر بود شیر چرخ اضطراب
Саворӣ ки зебади зи чархиши саманд
سواری که زیبد ز چرخش سمند
зи хуршеди зину зи маи нави рикоб
ز خورشید زین و ز مه نو رکاب
Ҷаводӣ ки дар хушки соли карам
جوادی که در خشک سال کرم
з ҷўдш хӯрд кишти омоли об
ز جودش خورد کشت آمال آب
Карӣмӣ ки аз лутфаши ободи гашт
کریمی که از لطفش آباد گشت
Ба ҳар ҷои дилӣ буд аз ғами хароб
به هر جا دلی بود از غم خراب
зи чанголи шаҳбози неруаши чарх
ز چنگال شهباز نیروش چرخ
Забун чун кабӯтар ба чанги уқоб
زبون چون کبوتر به چنگ عقاب
Қазои хаймаи давлаташ чун фарохат
قضا خیمهٔ دولتش چون فراخت
Ба мсмори таъйиди басташи таноб
به مسمار تایید بستش طناب
Кунад то бидон дар яктои қарин
کند تا بدان در یکتا قرین
Смин гавҳарӣ кард бахти интихоб
ثمین گوهری کرد بخت انتخاب
Ба силкии яке гавҳари ноб буд
به سلکی یکی گوهر ناب بود
Бадви бози пайвасти дарии хўшоб
بدو باز پیوست دری خوشاب
Ба маҳҷӯбае ёр шуд каз ифоф
به محجوبهای یار شد کز عفاف
з меҳранд ҳиҷоб ӯ дар ҳиҷоб
ز مهرند حجاب او در حجاب
Каромати шиору саодати дсор
کرامت شعار و سعادت دثار
Таҳорати ҷаҳону хдорти ниқоб
طهارت جهان و خدارت نقاب
Макорими ниҳоду акобри нажод
مکارم نهاد و اکابر نژاد
Муъаллаи насаби фотимии интисоб
معلی نسب فاطمی انتساب
зи рашкаши парии зодмии мҳтҷб
ز رشکش پری زادمی محتجب
зи шармаши маликро зи халқи эҳтиҷоб
ز شرمش ملک را ز خلق احتجاب
зи таъсии ин сур , гардуни пер
ز تاثیر این سور، گردون پیر
Дигар бора омад ба аҳди шабоб
دگر باره آمد به عهد شباب
Яке маҳфил айш орост чарх
یکی محفل عیش آراست چرخ
Ки шаб ҳо нашуд чашми анҷум ба хоб
که شبها نشد چشم انجم به خواب
Ҳамеи рехти кайвон ба расми нисор
همی ریخت کیوان به رسم نثار
зи дарҷи савобати гуҳарҳои ноб
ز درج ثوابت گهرهای ناب
Паии хутбаи брҷиси маҳфили тароз
پی خطبه برجیس محفل طراز
Ҳаме хутба хондӣ ба фасли улхитоб
همی خطبه خواندی به فصلالخطاب
Камарбастаи баҳроми миҷмар ба даст
کمربسته بهرام مجمر به دست
Ҳаме авд кардӣ бар оташи музоб
همی عود کردی بر آتش مذاب
Фурӯзони з май соқии мҳрчҳр
فروزان ز می ساقی مهرچهر
Ба гардиш дар оварда ҷоми шароб
به گردش در آورده جام شراب
Навозандаи ноҳиди рақсон ба каф
نوازنده ناهید رقصان به کف
Дафу барбату чангу авду рубоб
دف و بربط و چنگ و عود و رباب
Ситодаи стрлоб дар дасти пер
ستاده سطرلاب در دست پیر
Ҳамеи ҷусти толеъи паии фатҳи боб
همی جست طالع پی فتح باب
Ма омехт дар ҷоми шеру шукр
مه آمیخت در جام شیر و شکر
Биёрост зон суфраи моҳтоб
بیاراست زان سفرهٔ ماهتاب
Мънбри саҳобу муаттари шимол
معنبر سحاب و معطر شمال
Аз он гули фурӯи рехти вази он гулоб
از آن گل فرو ریخت وز آن گلاب
Призодгон дар ҳаво аз нишот
پریزادگان در هوا از نشاط
Расани боз бо ресмони шаҳоб
رسن باز با ریسمان شهاب
Ба ъушрати ҳамаи рӯзи перу ҷавон
به عشرت همه روز پیر و جوان
Ба айшу тараби рӯзу шаби шайху шоб
به عیش و طرب روز و شب شیخ و شاب
Рухи дӯстони лаълӣ аз ноб май
رخ دوستان لعلی از ناب می
Дили душманонишон бар оташи кабоб
دل دشمنانشان بر آتش کباب
Замини монда аз осмон дар шигифт
زمین مانده از آسمان در شگفت
Нъми ани ҳзолшиӣии ъҷоб
نعم ان هذالشیئی عجاب
Ҳамеша буд то ба базми ҷаҳон
همیشه بود تا به بزم جهان
Заминро дирангу фалакро шитоб
زمین را درنگ و فلک را شتاب
Шитобад ба базмаши сарвар ва дар он
شتابد به بزمش سرور و در آن
Диранг оварад то ба явми алҳсоб
درنگ آورد تا به یومالحساب
Ба коми дили дӯстони ҷовдон
به کام دل دوستان جاودان
Бмоноду боди ин дуои мустаҷоб
بماناد و باد این دعا مستجاب
Ғарази он ду фархунда ахтар шуданд
غرض آن دو فرخنده اختر شدند
Чу аз васли ҳам хурраму комёб
چو از وصل هم خرم و کامیاب
Паии соли таърихи ҳотифи зи шавқ
پی سال تاریخ هاتف ز شوق
Рақам зад : ба ма шуд қарини офтоб
رقم زد: به مه شد قرین آفتاب