Дареғ аз ҳоҷии иброҳӣми он донои равшандил

دریغ از حاجی ابراهیم آن دانای روشندل

Ки зод аз модари айём бо имону дайни туам

که زاد از مادر ایام با ایمان و دین توام

Дареғу дард аз он шамъи саҳари хезон ки буд ӯ ро

دریغ و درد از آن شمع سحر خیزان که بود او را

Дилии пари оташ аз тарси худоу дидаи пурнам

دلی پر آتش از ترس خدا و دیدهٔ پرنم

Ҳазор афсӯс аз он нахли барӯманди смрпрўр

هزار افسوس از آن نخل برومند ثمرپرور

Ки дар боғи ҷаҳонаши қомат аз бод аҷал шуд хам

که در باغ جهانش قامت از باد اجل شد خم

Гирифташ дили азин танги ошёну тоири рӯҳаш

گرفتش دل ازین تنگ آشیان و طایر روحش

Ба азми гулшани фирдавси бол шавқ зад барҳам

به عزم گلشن فردوس بال شوق زد برهم

Равон шуд ҷониби гулзори ҷинати зини ҷаҳон ва шуд

روان شد جانب گلزار جنت زین جهان و شد

Равон аз дидаи аҳбоби сайли хӯни азин мотам

روان از دیدهٔ احباب سیل خون ازین ماتم

Чу берун рафт аз ғмхонаҳи дунёии дун ва шуд

چو بیرون رفت از غمخانهٔ دنیای دون و شد

Ба ъшртхонаҳи фирдавси аъло бо дилии хуррам

به عشرتخانهٔ فردوس اعلی با دلی خرم

Дабири хомаи ҳотифи паии таърихи фӯт ӯ

دبیر خامه هاتف پی تاریخ فوت او

Рақам зад : шуд ба ҷинати ҳоҷии иброҳӣм аз олам

رقم زد: شد به جنت حاجی ابراهیم از عالم