Дар дили танг буд ҷилваи ҷонони мо ро
در دل تنگ بود جلوهٔ جانان ما را
Юсуфӣ ҳаст дарин гӯшаи зиндони мо ро
یوسفی هست درین گوشهٔ زندان ما را
Субҳи расвои мо доман маҳшар дорад
صبح رسوایی ما دامن محشر دارد
Надиҳади тан ба руфӯ , чоки гиребони мо ро
ندهد تن به رفو، چاک گریبان ما را
Ҷилваи ҳасани ту чун май ба рагу решаи давид
جلوهٔ حسن تو چون می به رگ و ریشه دوید
Оташи ин барқи бало , зад ба Нитсаатон мо ро
آتش این برق بلا، زد به نیستان ما را
Зулфи мишкӣну шаби бахт ба ҳам сохта анд
زلف مشکین و شب بخت به هم ساخته اند
То нишонанд ба ин рӯзи парешони мо ро
تا نشانند به این روز پریشان ما را
Нашавад боз , ки зиндонӣ обод шавем
نشود باز، که زندانی آباد شویم
Ба куҷо май барӣ эй Хизри биёбони моро ?
به کجا می بری ای خضر بیابان ما را؟
Бас ки ранҷидаи дил , аз мардуми мардум монанд
بس که رنجیده دل، از مردمِ مردم مانند
Ваҳшат аз соя худ карда гурезони мо ро
وحشت از سایه خود کرده گریزان ما را
Сарфарозем зи бухли фалаки сифлаи ҳазин
سرفرازیم ز بخل فلک سفله حزین
Зинда дар гӯр кунад , миннати эҳсони мо ро
زنده در گور کند، منت احسان ما را