эй ҷинати нақд аз рухи зебои ту мо ро
ای جنت نقد از رخ زیبای تو ما را
Шуд дидаи биҳиштии зи тамошои ту мо ро
شد دیده بهشتی ز تماشای تو ما را
Маст омадӣу теғ ба кафи сари тлбидӣ
مست آمدی و تیغ به کف سر طلبیدی
Осоиши ҷони гашти тақозои ту мо ро
آسایش جان گشت تقاضای تو ما را
Ҳар доғ ки аз ҳиҷри ту андӯхта будем
هر داغ که از هجر تو اندوخته بودیم
Хуршед шуд , аз талъати ғрои ту мо ро
خورشید شد، از طلعت غرای تو ما را
Дръшқи ту сайқалгарӣ оҳи саҳархез
درعشق تو صیقل گری آه سحرخیز
Кард оинаи ҳасани длорои ту мо ро
کرد آینهٔ حسن دلارای تو ما را
Бесарв , тзрўӣ нашавад замзамаи пардоз
بی سرو، تذروی نشود زمزمه پرداز
Шуд нолаи расо аз қади раънои ту мо ро
شد ناله رسا از قد رعنای تو ما را
Пайдост сарафрозии сарви ту зи оҳам
پیداست سرافرازی سرو تو ز آهم
Ин шуъла баландаст зи болои ту мо ро
این شعله بلند است ز بالای تو ما را
Донем азин шӯриши ишқӣ ки ба дили рехт
دانیم ازین شورش عشقی که به دل ریخت
Бар бод равад гирд , ба саҳрои ту мо ро
بر باد رود گرد، به صحرای تو ما را