Чу мавҷ май ҷудо аз бода натавон кард пайвасташ

چو موج می جدا از باده نتوان کرد پیوستش

Буд майхонаи зери дасти мижгони сияҳи масташ

بود میخانه زیر دست مژگان سیه مستش

Чу он кофар ки ислом оварад аз бе нўоииҳо

چو آن کافر که اسلام آورد از بی نواییها

Раҳ дайн меравад зоҳид , ки дунё нест дар дасташ

ره دین می رود زاهد، که دنیا نیست در دستش

Гузар кард аз гулӯем новакаш чун қатраи обӣ

گذر کرد از گلویم ناوکش چون قطرهٔ آبی

Чаҳ мунтаҳост бргрдни маро аз софии шасташ

چه منّتهاست برگردن مرا از صافی شستش

Ба умеди нигоҳии дил ба дунболаш фиристодам

به امّید نگاهی دل به دنبالش فرستادم

Ба тири ғамзаи номеҳрбон , он бе вафои хстш

به تیر غمزه نامهربان، آن بی وفا خستش

Чаҳ лиззат буд аз қотили ҳазини ним бсмл ро

چه لذت بود از قاتل حزین نیم بسمل را

Ки дар хӯн метапид ва офарин мегуфт бар дасташ ?

که در خون می تپید و آفرین می ‎گفت بر دستش؟