Дилро ба нҳонхонаҳ дидор фиристем
دل را به نهانخانهٔ دیدار فرستیم
Ин номаи сарбаста ба дилдор фиристем
این نامهٔ سربسته به دلدار فرستیم
Як саҷдаи мастона ки сари ҷӯш ниёз аст
یک سجدهٔ مستانهٔ که سر جوش نیاز است
Аз давр ба он соя девор фиристем
از دور به آن سایهٔ دیوار فرستیم
Мушкил ки сар аз нофа дигар машки برارد
مشکل که سر از نافه دگر مشک برآرد
Гар торӣ аз он турра ба тотор фиристем
گر تاری از آن طرّه به تاتار فرستیم
Вопас нафаристем , туҳидасти сабо ро
واپس نفرستیم، تهیدست صبا را
Мо буии туро тӯҳфа ба гулзор фиристем
ما بوی تو را تحفه به گلزار فرستیم
Номӯс чаҳ арзад ки ба риндии ндҳимш ?
ناموس چه ارزد که به رندی ندهیمش؟
Ин хирқаи пашмина ба хумор фиристем
این خرقهٔ پشمینه به خمّار فرستیم
Аз зрўаҳи тақдис , ба таври тани хокӣ
از ذروهٔ تقدیس، به طور تن خاکی
Мо Мӯсои ҷонро пай дидор фиристем
ما موسی جان را پی دیدار فرستیم
Як масъала аз машраб берангӣ ишқ аст
یک مسأله از مشرب بی رنگی عشق است
Аз сбҳаҳи паёмӣ ки ба зуннор фиристем
از سبحه پیامی که به زنّار فرستیم
Ҷонро чаҳ бақо гар нашавад восили ҷонон ?
جان را چه بقا گر نشود واصل جانان؟
Ин қатра ба он қулзум зхор фиристем
این قطره به آن قلزم زخّار فرستیم
Дар ишқи ту доғи хушии афтода ба дастам
در عشق تو داغ خوشی افتاده به دستم
Ин лола ба ороиш дастор фиристем
این لاله به آرایش دستار فرستیم
Сад хастаи гирифтаи сети сари тири нигоҳат
صد خسته گرفته ست سر تیر نگاهت
Мо ҳам ба умедии дил аФгор фиристем
ما هم به امیدی دل افگار فرستیم
То ғӯта занад талхии ҷон дар шкрстон
تا غوطه زند تلخی جان در شکرستان
Пайғомӣ аз он лаъл шкрбор фиристем
پیغامی از آن لعل شکربار فرستیم
Гар ёри схндони талабади шеъри ҳазин ро
گر یار سخندان طلبد شعر حزین را
Ин хуши ғазал аз калак гуҳарбор фиристем
این خوش غزل از کلک گهربار فرستیم