Аз шоми ҳиҷри миннати дидор май кашам

از شام هجر منّت دیدار می کشم

Аз хоби нози давлати бедор май кашам

از خواب ناز دولت بیدار می کشم

То кӣ хӯрам зи ақли сияҳи косаи хӯни дил ?

تا کی خورم ز عقل سیه کاسه خون دل؟

Мастонаи як ду соғари саршор май кашам

مستانه یک دو ساغر سرشار می کشم

Як чанд мекунам гарави бодаи рахти хеш

یک چند می کنم گرو باده رخت خویش

То чанд бори ҷбаҳу дастор май кашам ?

تا چند بار جبّه و دستار می کشم؟

Бардаи сети ҳасани содаи озодагии дилам

برده ست حسن ساده آزادگی دلم

Баҳр чаҳ нози сбҳаҳу зуннор май кашам

بهر چه ناز سبحه و زنار می کشم

Бар дӯш аз хумори серум бор ме шавад

بر دوش از خمار سرم بار می شود

То пои зи остонаи хумор май кашам

تا پا ز آستانهٔ خمّار می کشم

Ҷое ба аз чаман набӯд мегусор ро

جایی به از چمن نبود میگسار را

Домонтар чу абр ба гулзор май кашам

دامان تر چو ابر به گلزار می کشم

Сад захм мехӯрд раги ҷон чун қалами ҳазин

صد زخم می خورد رگ جان چون قلم حزین

То гавҳарӣ ба риштаи гуфтор май кашам

تا گوهری به رشته گفتار می کشم