Чашмат аз нози нбстҳст дар роз ба ман

چشمت از ناز نبستهست در راز به من

Расад аз ҷунбиши мижгони ту овоз ба ман

رسد از جنبش مژگان تو آواز به من

Меҳрро зарра ночиз намегардад бор

مهر را ذره ناچیز نمی گردد بار

Чун харидии мадае шӯх , марои боз ба ман

چون خریدی مده ای شوخ، مرا باز به من

Сарнавишти дилам аз доғ сувидо пайдост

سرنوشت دلم از داغ سویدا پیداست

Равшан анҷом шуд аз нуқтаи оғоз ба ман

روشن انجام شد از نقطهٔ آغاز به من

Шаҳд бе миннати кавсари насаб марг куҷост ?

شهد بی منّت کوثر نسب مرگ کجاست؟

То ба кӣ зиндагии талх , кунад ноз ба ман ?

تا به کی زندگی تلخ، کند ناز به من؟

Нест эҳсони камӣ эй фалаки танги фазо

نیست احسان کمی ای فلک تنگ فضا

Ин ки нагузоштае ҳасрати парвоз ба ман

این که نگذاشته ای حسرت پرواز به من

Ба адои суханами гӯши нигаҳдори ҳазин

به ادای سخنم گوش نگهدار حزین

Чашми ҷодӯи нигаҳ , омӯхта эъҷоз ба ман

چشم جادو نگه، آموخته اعجاز به من