зи дарвешӣ бақо дорад дили равшани замири ман
ز درویشی بقا دارد دل روشن ضمیر من
Занад паҳлу ба оби зиндагӣ , мавҷи ҳасири ман
زند پهلو به آب زندگی، موج حصیر من
Куҳани торихии ишқам ки бо Довӯди муддатҳо
کهن تاریخی عشقم که با داوود مدّتها
Збўр нола месанҷид калаки хуши сафири ман
زبور ناله می سنجید کلک خوش صفیر من
Ба хоб марг нагузорад ҳуҷуми ларзаи хусрав ро
به خواب مرگ نگذارد هجوم لرزه خسرو را
Занад бар бесутунгар тешаи бозуии далери ман
زند بر بیستون گر تیشه بازوی دلیر من
Шиква ишқ дидам аз ҷаҳони пӯшеди чашмам ро
شکوه عشق دیدم از جهان پوشید چشمم را
Сулаймонро наёрад дар назар , мӯри ҳақири ман
سلیمان را نیارد در نظر، مور حقیر من
Занами домони мижгон бар ғубори тирҳءи дунё
زنم دامان مژگان بر غبار تیرهء دنیا
Сиёҳ аз серума ӣ хоҳиш , нагардад чашми сайри ман
سیاه از سرمه ی خواهش، نگردد چشم سیر من
Дар он рӯзӣ ки карданд обёрии хоки одам ро
در آن روزی که کردند آبیاری خاک آدم را
Намаки парвардаи шӯр муҳаббат шуд хамири ман
نمک پروردهٔ شور محبّت شد خمیر من
НиФшонми зи ғайрат аз кафани кофури ҷинат ро
نیفشانم ز غیرت از کفن کافور جنّت را
Ғубории бас буд аз раҳгузор ӯ абири ман
غباری بس بود از رهگذار او عبیر من
Ба ҳар дастии куҷо солик диҳад дасти иродатро ?
به هر دستی کجا سالک دهد دست ارادت را؟
Сабуии бода ӣ куҳнаи сет , пери дастгири ман
سبوی باده ی کهنه ست، پیر دستگیر من
Ба оби дидаи прўрдм , гулу хори гулистон ро
به آب دیده پروردم، گل و خار گلستان را
Харош нола дорад ёди булбул аз сафири ман
خراش ناله دارد یاد بلبل از صفیر من
Нигаҳ дар дида май дуздам , назари дониста май пӯшам
نگه در دیده می دزدم، نظر دانسته می پوشم
Ба санг аз сахт рӯйон омад ӣнҷои бас ки тири ман
به سنگ از سخت رویان آمد اینجا بس که تیر من
Ҳазин аз зиндагии ин баси маро каз баъди марги ман
حزین از زندگی این بس مرا کز بعد مرگ من
Кунад хуши аҳли маъниро каломи дилпазири ман
کند خوش اهل معنی را کلام دلپذیر من