Дили доғи туро ба ҷони гирифта
دل داغ تو را به جان گرفته
Ҷони дарди ту ҷовдони гирифта
جان درد تو جاودان گرفته
Ҳоли дили нотавон чаҳ пурсӣ ?
حال دل ناتوان چه پرسی؟
Ҳайрат задаро забони гирифта
حیرت زده را زبان گرفته
Бар ман шудаи танги кӯҳу саҳро
بر من شده تنگ کوه و صحرا
Савдои туами Аннани гирифта
سودای توام عنان گرفته
Бар шишаи дили сабо буд санг
بر شیشه دل صبا بود سنگ
Дил бетуам аз ҷаҳони гирифта
دل بی توام از جهان گرفته
Фарёд ки даври чархи мо ро
فریاد که دور چرخ ما را
Чун доира дар миёни гирифта
چون دایره در میان گرفته
Як ғунчаи сабо наме кушояд
یک غنچه صبا نمی گشاید
Гуё дили боғбони гирифта
گویا دل باغبان گرفته
Оташ аз доғи лолаи рӯе
آتش از داغ لاله رویی
эй маҷлисён ба ҷони гирифта
ای مجلسیان به جان گرفته
Бар тан чаҳ зании гулобу кофур
بر تن چه زنی گلاب و کافور
Ин шуъла дар устихони гирифта
این شعله در استخوان گرفته
Беболу парти ҳазини мискин
بی بال و پرت حزین مسکین
Дар кунҷи ғами ошёни гирифта
در کنج غم آشیان گرفته