Ба ҷилваҳои расои сарфароз май ое
به جلوه های رسا سرفراز می آیی
Магари зи ғорати умри дароз май ое
مگر ز غارت عمر دراز می آیی
зи хӯни меҳру вафои теғи ноз ғаммоз аст
ز خون مهر و وفا تیغ ناز غمّاز است
Ки аз кмингаҳи хайли ниёз май ое
که از کمینگه خیل نیاز می آیی
Ба аҷзи шамъи таҷаллӣ ба хок май ғлтд
به عجز شمع تجلی به خاک می غلتد
Ту чун ба ин рухи тоқати гудоз май ое
تو چون به این رخ طاقت گداز می آیی
Гуҳар ба хилвати хос садаф наме ояд
گهر به خلوت خاص صدف نمی آید
Чунин ки дар дили аҳли ниёз май ое
چنین که در دل اهل نیاز می آیی
Чу буии гули ҳамаи сози раҳам , қадам бурдор
چو بوی گل همه ساز رهم، قدم بردار
Агар ба пурсишам эй чораи соз май ое
اگر به پرسشم ای چاره ساز می آیی
Шароби шавқи зи худ бардаи сад биёбонам
شراب شوق ز خود برده صد بیابانم
Ту то ба хилватам эй масти ноз май ое
تو تا به خلوتم ای مست ناز می آیی
Каманди гардани умри гузашта ҷилва туаст
کمند گردن عمر گذشته جلوهٔ توست
Ба шеваҳои хуш эй длнўоз май ое
به شیوه های خوش ای دلنواز می آیی
Гуҳӣ ба сӯрати маънии гуҳӣ ба пардаи лафз
گهی به صورت معنی گهی به پرده لفظ
Ниҳон ба гӯши дили аҳли роз май ое
نهان به گوش دل اهل راز می آیی
Ҳазин аз он бут ҳар ҷое орзӯи дорӣ
حزین از آن بت هر جایی آرزو داری
Чунин ки май рӯй аз хешу боз май ое
چنین که می روی از خویش و باز می آیی