Он қадар кард тапидан ки ба ороми расонад
آن قدر کرد تپیدن که به آرام رساند
Файзи парвози ҳамин буд ки то доми расонад
فیض پرواز همین بود که تا دام رساند
Хаҷал аз файзи насимам ки зи гулзори ҷаҳон
خجل از فیض نسیمم که ز گلزار جهان
Буии ёсӣ ба димоғи дили нокоми расонад
بوی یاسی به دماغ دل ناکام رساند
Аз таби ишқ , ба ҷони миннат соқӣ дорам
از تب عشق، به جان منت ساقی دارم
Ки зи тбхолаҳи лабамро ба лаби ҷоми расонад
که ز تبخاله لبم را به لب جام رساند