эй ки дорад ливои иқболат

ای که دارد لوای اقبالت

Офтоби баланд , соя нишин

آفتاب بلند، سایه نشین

Буд аз навбаҳори халқи туам

بود از نوبهار خلق توام

Нафаси мшксои фарвардин

نفس مشکسای فروردین

Нукта Эй ҳаст , аз раҳе бишинав

نکته ای هست، از رهی بشنو

Ки худои Носири ту боду муайян

که خدا ناصر تو باد و معین

Интифоъӣ ки аз ҷаҳони дижам

انتفاعی که از جهان دژم

Дорам аз гардиши шҳўру синӣн

دارم از گردش شهور و سنین

Талхии айш рӯзгорон аст

تلخی عیش روزگاران است

Ки буд дар мазоқи ман ширин

که بود در مذاق من شیرین

Кашадам гирди кулуфти айём

کشدم گرد کلفتِ ایّام

Тўтёиӣ ба чашми ҳодисаи байн

توتیایی به چشم حادثه بین

Аз ғам ман макун парешони дил

از غم من مکن پریشان دل

Ки мабодат зи чарх , чин ба ҷабин

که مبادت ز چرخ، چین به جبین

Каҷ агар бохт нокасе чаҳ аҷаб ?

کج اگر باخت ناکسی چه عجب؟

Кӯ надонад ясорро зи ямин

کو نداند یسار را ز یمین

Равиш ҳар касе фарохур ӯст

روش هر کسی فراخور اوست

Натавонад пиёда шуд фарзин

نتواند پیاده شد فرزین

Хори бечора аз куҷои орад

خار بیچاره از کجا آرد

Турра ӣ сунбули врхи насрин ?

طرّه ی سنبل ورخ نسرین؟

Дили моро чаҳ ғам ки аз рухи зишт

دل ما را چه غم که از رخ زشت

Нафитад дар ҷабини оинаи чин ?

نفتد در جبین آینه چین؟

Сифларо табъи рӯзгор буд

سفله را طبع روزگار بود

На ба меҳраши вафо буд , на ба кин

نه به مهرش وفا بود، نه به کین

Бе хиради лоиқ итоб куҷост ?

بی خرد لایق عتاب کجاست؟

Ташна донад баҳоии моءи муайян

تشنه داند بهای ماء مَعین

Садафи синаҳои пок буд

صدف سینه های پاک بود

Ҷои дурдонаҳои ғс ва самин

جای دُردانه های غثّ و سمین

Гар бубахшӣ гуноҳ ӯ , дорам

گر ببخشی گناه او، دارم

Тоъатат то ба рӯзи бозпасин

طاعتت تا به روز بازپسین

Бар муродат мудом гардад чарх

بر مرادت مدام گردد چرخ

Чокари даргаати инол ва такин

چاکر درگهت ینال و تکین