Сноҳости пери харобот ро
ثناهاست پیر خرابات را
Ки шаст аз дилами лавси томот ро
که شست از دلم لوث طامات را
Ато кард зи андешаи фориғи дилӣ
عطا کرد ز اندیشه فارغ دلی
Чу майхона бахшед сарманзилӣ
چو میخانه بخشید سرمنزلی
Маро бо Муғони ҳамдам роз кард
مرا با مغان همدم راز کرد
Ба рӯем дар файзро боз кард
به رویم در فیض را باز کرد
Дар адвор чанде гарм давр дошт
در ادوار چندی گرم دور داشت
Дил аз ковуши ҳиҷр носур дошт
دل از کاوش هجر ناسور داشت
Сиришкам ба рухсораи хуноб буд
سرشکم به رخساره خوناب بود
Дил аз оташи шавқ дар тоб буд
دل از آتش شوق در تاب بود
Ғами ғурбатам дар дилаш кор кард
غم غربتم در دلش کار کرد
зи ағёри фориғ , ба худ ёр кард
ز اغیار فارغ، به خود یار کرد
зи меҳрам , ба майхона муҳаррам намӯд
ز مهرم، به میخانه محرم نمود
Лабамро ба паймона ҳамдам намӯд
لبم را به پیمانه همدم نمود
Ба дасти сабуи байъатам тоза шуд
به دست سبو بیعتم تازه شد
Лабами душмани ҷон хамёза шуд
لبم دشمن جان خمیازه شد
Ба бар , зарраам меҳр тобон гирифт
به بر، ذرّه ام مهر تابان گرفت
Рух гоҳем ранг ҷонон гирифт
رخ گاهیم رنگ جانان گرفت
Фишондам ғубори ғами дайна ро
فشاندم غبار غم دینه را
Нишон ёфтам ёри дерина ро
نشان یافتم یار دیرینه را
Шаробии лаб ташнаам нӯш кард
شرابی لب تشنه ام نوش کرد
Ки аз васлу ҳиҷрон фаромӯш кард
که از وصل و هجران فراموش کرد