Оҳ ва сад оҳ ! ки он маи зи сафар дайр омад
آه و صد آه! که آن مه ز سفر دیر آمد
Шамъи хуршеди ҷамолаши баназар дайр омад
شمع خورشید جمالش بنظر دیر آمد
Гуфт : сӯии ту бқосд бифиристам хабарӣ
گفت: سوی تو بقاصد بفرستم خبری
Ваа ! ки қосид нафиристоду хабар дайр омад
وه! که قاصد نفرستاد و خبر دیر آمد
Ту мадади гори шӯ , эй Хизр , ки он оби ҳаёт
تو مدد گار شو، ای خضر، که آن آب حیات
Сӯии ин сӯхтаи ташнаи ҷигар дайр омад
سوی این سوخته تشنه جگر دیر آمد
Навбаҳори чамани айш бадал шуд бхзон
نوبهار چمن عیش بدل شد بخزان
Зонка он шохи гули тоза ватар дайр омад
زانکه آن شاخ گل تازه و تر دیر آمد
Мардум аз шавқи ҳам оғӯшии он сарв , дареғ !
مردم از شوق هم آغوشی آن سرو، دریغ!
Кони ниҳоли чамани ҳасани бабр дайр омад
کان نهال چمن حسن ببر دیر آمد
эй фалак , партави хуршед ҷҳонтоб куҷост ?
ای فلک، پرتو خورشید جهانتاب کجاست؟
Комшб аз ғусса бамурдему саҳар дайр омад
کامشب از غصه بمردیم و سحر دیر آمد
Ёр то рафт , ҳилолӣ , ман азин ғами мардум
یار تا رفت، هلالی، من ازین غم مردم
Ки : чаро умри ман хастаи басар дайр омад ?
که: چرا عمر من خسته بسر دیر آمد؟