Хез , то имрӯз бо ҳам соғари саҳбои кашем
خیز، تا امروز با هم ساغر صهبا کشیم
Хешро домани кашон то домани саҳрои кашем
خویش را دامن کشان تا دامن صحرا کشیم
Боғ ва бустон дилкашасту кӯҳу саҳро ҳам хушаст
باغ و بستان دلکشست و کوه و صحرا هم خوشست
Ҳар куҷо , гӯйӣ , бисоти айшро онҷои кашем
هر کجا، گویی، بساط عیش را آنجا کشیم
Кас чаро аз дасти дунёи соғар меҳнат кашад ?
کس چرا از دست دنیا ساغر محنت کشد؟
Соғарӣ гирему даст аз меҳнати дунёи кашем
ساغری گیریم و دست از محنت دنیا کشیم
Соқио , майхона дарёӣаст пари зи оби ҳаёт
ساقیا، میخانه دریاییست پر ز آب حیات
Ҷаҳд кун , то киштии худро дар он дарёи кашем
جهد کن، تا کشتی خود را در آن دریا کشیم
Нозанинони саркаш ва мо дар мақоми эҳтиёҷ
نازنینان سرکش و ما در مقام احتیاج
Ҷой он дорад казишон нози истиғнои кашем
جای آن دارد کزیشان ناز استغنا کشیم
Чун зи ҳоли зори худ пеш ту натавон дам задан
چون ز حال زار خود پیش تو نتوان دم زدن
Гӯша Эй гирему оҳӣ аз дили шайдои кашем
گوشه ای گیریم و آهی از دل شیدا کشیم
эй рақиби сангдил , зини хашм ва кин бигузар , ки мо
ای رقیب سنگدل، زین خشم و کین بگذر، که ما
Нози раъноеи зи ёри нозуки раънои кашем
ناز رعنایی ز یار نازک رعنا کشیم
Фикр хубон кун , ҳилолӣ , фикри дигар то бкӣ ?
فکر خوبان کن، هلالی، فکر دیگر تا بکی؟
Худ чаро бар лавҳи хотири нақши нозебои кашем ?
خود چرا بر لوح خاطر نقش نازیبا کشیم؟