Шукри ллаҳ ки ин хуҷастаи калом
شکر لله که این خجسته کلام
Шуд ба коми дили шикастаи тамом
شد به کام دل شکسته تمام
Шукри дигар ки то тамом шуда
شکر دیگر که تا تمام شده
Маҷлиси орои хосу ом шуда
مجلسآرای خاص و عام شده
Сифат ӯст дар забони ҳама
صفت اوست در زبان همه
Сухан ӯст вирди ҷони ҳама
سخن اوست ورد جان همه
Ҷайби офоқи пари дурусти азу
جیب آفاق پر دُرست ازو
Бағали ошиқони парасти азу
بغل عاشقان پرست ازو
Гар ки қуллоби шаҳри саррофи сет
گر که قلاب شهر صرافست
ё хтогўии шаҳри ҳроФи сет
یا خطاگوی شهر حرافست
Натавонади шикасти миқдораш
نتواند شکست مقدارش
Ки ба ҷон май хиради харидораш
که به جان میخرد خریدارش
Байт ӯгар кам сет аз он ғам нест
بیت او گر کمست از آن غم نیست
Шукри борӣ ки мъниш кам нест
شکر باری که معنیش کم نیست
Лафзи поки сету маъниаш тоҳир
لفظ پاکست و معنیاش طاهر
Чун нагирад қарор дар хотир ?
چون نگیرد قرار در خاطر؟
Маънии хосу лафзи оми фиреб
معنی خاص و لفظ عامفریب
Барда аз хосу оми сабру шикеб
برده از خاص و عام صبر و شکیب
Аллоҳи аллоҳ ! чаҳ дилпазираст ин !
الله الله! چه دلپذیرست این!
Дар пазириш ки ногузираст ин
در پذیرش که ناگزیرست این
Ғояти шоирӣ ҳамин бошад
غایت شاعری همین باشد
Шеваи соҳирӣ ҳамин бошад
شیوهٔ ساحری همین باشد
Ҳар ки дам зад забон ӯ бастам
هر که دم زد زبان او بستم
Саҳар кардам даҳон ӯ бастам
سحر کردم دهان او بستم
Қаламами майли чашм душман шуд
قلمم میل چشم دشمن شد
Лек азуи чашми дӯст равшан шуд
لیک ازو چشم دوست روشن شد
Аз сиёҳӣ намӯд оби ҳаёт
از سیاهی نمود آب حیات
Ҷон ҳосид фитод дар зулмот
جان حاسد فتاد در ظلمات
Ҷои раҳмат буд бамурд ҳасуд
جای رحمت بود بمرد حسود
Лек бар ҷони мурдаи раҳм чаҳ суд ?
لیک بر جان مرده رحم چه سود؟
Ҷигари ҳосид аз ?илами хӯни бод
جگر حاسد از الم خون باد
Алмш кам мабоду афзӯни бод
المش کم مباد و افزون باد
эй ҳасуди ин хаёли ботили чсит ?
ای حسود این خیال باطل چسیت؟
Зин хаёлат бигӯ ки ҳосил чист ?
زین خیالت بگو که حاصل چیست؟
Чун ту аз олами сухани даврӣ
چون تو از عالم سخن دوری
Ҳарчӣ хоҳӣ бигӯ ки маъзӯрӣ
هرچه خواهی بگو که معذوری
Он чаҳ мақдӯр туаст маълуми сет
آن چه مقدور توست معلومست
Хатми кор аз нахусти маълуми сет
ختم کار از نخست معلومست
Дасти бофандаи мӯӣ агар бофад
دست بافنده موی اگر بافد
Кӣ тавонад ки мӯӣ бишкофад ?
کی تواند که موی بشکافد؟
Ҳар куҷои ҳудҳуд сулаймон рафт
هر کجا هدهد سلیمان رفت
Ба пару бол мӯр натавон рафт
به پر و بال مور نتوان رفت
Дар баҳорони садои ғулғули зоғ
در بهاران صدای غلغل زاغ
Кӣ буд чун навой булбули боғ ?
کی بود چون نوای بلبل باغ؟
Яъне ӯ низ дар баробар туаст
یعنی او نیز در برابر توست
Дар ӯ ҳам ба қадар гавҳар туаст
در او هم به قدر گوهر توست
Ин мусаллам , туро ба ғайр чаҳ кор
این مسلم، تو را به غیر چه کار
Ҳар чаҳ дории ту ҳам бе ӯ биор
هر چه داری تو هم بیاو بیار
Дайгарии ҷоми шавқи нӯшида
دیگری جام شوق نوشیده
Ту ба девонагии хрўшидаҳ
تو به دیوانگی خروشیده
Дайгарии оҳ дарднок зада
دیگری آه دردناک زده
Ту ба тақлиди ҷома чок зада
تو به تقلید جامه چاک زده
То ба кӣ май парӣ ба боли касон ?
تا به کی میپری به بال کسان؟
Ноз хуш нест бо ҷамоли касон
ناز خوش نیست با جمال کسان
Ман кунам сиккаи суханро нав
من کنم سکهٔ سخن را نو
Ту кунӣ арзи махзани хусрав
تو کنی عرض مخزن خسرو
Чун ту зини номаи нестии номӣ
چون تو زین نامه نیستی نامی
Чаҳ барии номи хсўу ҷомӣ ?
چه بری نام خسو و جامی؟
Ҳайф бошад ки номи дидаи варон
حیف باشد که نام دیدهوران
Бугзарад бар забони каҷи назарон
بگذرد بر زبان کجنظران
Гарчи шеъри ту назм дорад ном
گرچه شعر تو نظم دارد نام
Ту азин назм кӣ рисӣ ба низом
تو ازین نظم کی رسی به نظام
Назм агар нест чун дар макнун
نظم اگر نیست چون در مکنون
Саҳл бошад табиати мавзун
سهل باشد طبیعت موزون
Гарчи мо ва ту ҳар ду мавзунем
گرچه ما و تو هر دو موزونیم
Лек бингар ки ҳар яке чунем
لیک بنگر که هر یکی چونیم
Наъл агар ёфт сӯрати маи нав
نعل اگر یافت صورت مه نو
Ҳаст ӣнҷо тафовутӣ бишинав
هست اینجا تفاوتی بشنو
Моҳи нави сар бар осмон сояд
ماه نو سر بر آسمان ساید
Наъл дар зер пой фарсоед
نعل در زیر پای فرساید
Нест монанди ҳам сумуму насим
نیست مانند هم سموم و نسیم
Ин як аз ҷинати сет ва он зи ҷҳим
این یک از جنتست و آن ز جحیم
Он ба нармии чунон ки дил хоҳад
آن به نرمی چنان که دل خواهد
Вена ба гармии чунон ки ҷони коҳад
وین به گرمی چنان که جان کاهد