Аз он шаклу шамоили чашми бади давр
از آن شکل و شمایل چشم بد دور
Ки чашми ошиқонро медиҳад нур
که چشم عاشقان را میدهد نور
Туро аз орзӯии сӯрати хеш
تو را از آرزوی صورت خویش
Гуҳӣ обасту гуҳи ойӣнаи манзур
گهی آب است و گه آیینه منظور
Шаробӣ дар ду лаби дорӣ ки чашмат
شرابی در دو لب داری که چشمت
зи бӯяши рӯзу шаб мастасту махмур
ز بویش روز و شب مست است و مخمور
Ба даври чашми масти дили фиребат
به دور چشم مست دل فریبت
Намонад зоҳиди сад солаи мастур
نماند زاهد صد ساله مستور
Ба уқбогар чунин бошанд хубон
به عقبی گر چنین باشند خوبان
Наёсоед биҳиштӣ аз лаби ҳур
نیاساید بهشتی از لب حور
Маломат чун кунам девонаи ?ут ро
ملامت چون کنم دیوانهات را
Кигар оқил бимонад нест маъзӯр
که گر عاقل بماند نیست معذور
намебинад ҳамуммат бе рақибон
نمیبیند همامت بیرقیبان
Асал холӣ намебошад зи занбӯр
عسل خالی نمیباشد ز زنبور