Агар чаҳ шуд дили ришами зи дасти ҳиҷри ту хӯн

اگر چه شد دل ریشم ز دست هجر تو خون

Нашуд хаёли висоли ту аз серуми берун

نشد خیال وصال تو از سرم بیرون

Вафоу меҳри ту аз ҷону дили ҳамеи варзам

وفا و مهر تو از جان و دل همی ورزم

Агар чаҳ микшм аз ту ҷафои гӯногӯн

اگر چه میکشم از تو جفای گوناگون

зи айни ҷаҳл будгар зи ишқи баргардам

ز عین جهل بود گر ز عشق برگردم

зи бори ғами алифи қадам ар шавад чун навен

ز بار غم الف قدم ار شود چون نون

Намонад тоқатам аз ҳиҷру сабри ман кам шуд

نماند طاقتم از هجر و صبر من کم شد

Валек ишқи ту ҳар лаҳза мешавад афзӯн

ولیک عشق تو هر لحظه میشود افزون

Бирафта аз дили ман нақши ғайрат аз ғайрат

برفته از دل من نقش غیرت از غیرت

Даруни маскани дили ишқ ту намӯд сукӯн

درون مسکن دل عشق تو نمود سکون

Агар на бастаи занҷири турраи ?ути гирдам

اگر نه بسته زنجیر طره ات گردم

Хирад ҳар оина нисбат кунад марои маҷнӯн

خرد هر آینه نسبت کند مرا مجنون

зи бскаҳи гиряи кунон аз дар ту мигзрм

ز بسکه گریه کنان از در تو میگذرم

Шудаи сети кӯии ту аз хӯн дидаам гулгун

شده ست کوی تو از خون دیده ام گلگون

Ҳазор кас чу ҳусайн омаданд бар дар ту

هزار کس چو حسین آمدند بر در تو

Дамии зи хонаи буруни шӯ барои аҳли дарун

دمی ز خانه برون شو برای اهل درون