Гар дар ҳалоки ман буд алҳақ ризои дӯст
گر در هلاک من بود الحق رضای دوست
Бодами ҳазор ҷони гиромии фидои дӯст
بادم هزار جان گرامی فدای دوست
Он давлат аз куҷо ки шавам хоки даргааш
آن دولت از کجا که شوم خاک درگهش
Ман хоки он касам ки шавад хокпои дӯст
من خاک آن کسم که شود خاکپای دوست
Ҷбрили вори икқдм ар пештари нуҳум
جبریل وار یکقدم ار پیشتر نهم
Ҷонам бисӯзад аз сбҳоти лақои дӯст
جانم بسوزد از سبحات لقای دوست
Кибру риёи гузор ки кас бо ғурури нафас
کبر و ریا گذار که کس با غرور نفس
Муҳаррам нагашт дар ҳарами кибриёии дӯст
محرم نگشت در حرم کبریای دوست
Бегонагӣ гузидаам аз ақли хештан
بیگانگی گزیده ام از عقل خویشتن
То гаштааст ҷону дилами ошнои дӯст
تا گشته است جان و دلم آشنای دوست
Бастам дар сарочаи дилро биравӣ ғайр
بستم در سراچه دل را بروی غیر
Зеро мақом омма нишоед сарои дӯст
زیرا مقام عامه نشاید سرای دوست
Гар мекашад марои бҷФои ҳеҷ бок нест
گر میکشد مرا بجفا هیچ باک نیست
Гар бедилӣ бамурд ббодои бақои дӯст
گر بی دلی بمرد ببادا بقای دوست
Дар пеш ҳар ки ошиқи содиқ буд хушаст
در پیش هر که عاشق صادق بود خوشست
Ҷавру ҷафои ёр чу меҳру вафои дӯст
جور و جفای یار چو مهر و وفای دوست
Гар мекашад ҳусайни ҷафои бас ғариб нест
گر میکشد حسین جفا بس غریب نیست
Оре кашад ғариби стмкши ҷафои дӯст
آری کشد غریب ستمکش جفای دوست