Дӯши чашми ҷонам аз дидори шаҳи пурнур буд

دوش چشم جانم از دیدار شه پرنور بود

Мутриби мо Зуҳрау соқии маҷлиси ҳур буд

مطرب ما زهره و ساقی مجلس حور بود

Бо изори соқии фаттону чашми маст ӯ

با عذار ساقی فتان و چشم مست او

Зоҳид ар бишикаст тавбаи ҳамчуи мо маъзӯр буд

زاهد ار بشکست توبه همچو ما معذور بود

То қадаҳ карда ҳдқи баҳри ҳмёии ҷамол

تا قدح کرده حدق بهر حمیای جمال

Пеш аз он кандар ҷаҳони боғ май ангур буд

پیش از آن کاندر جهان باغ می انگور بود

Бо ҳарифони муъаррабад дар хароботи азал

با حریفان معربد در خرابات ازل

Аз шароби лоязолии ҷони мо махмур буд

از شراب لایزالی جان ما مخمور بود

Мо анои нияти зи дори нестии овехта

ما انا نیت ز دار نیستی آویخته

То бигӯяндӣ аноолҳқи гуфтани Мансур буд

تا بگویندی اناالحق گفتن منصور بود

Дилбари онсоът ки ҷоми хамр кофурӣ бидод

دلبر آنساعت که جام خمر کافوری بداد

Маснади дил бар фарози чашмаи кофур буд

مسند دل بر فراز چشمه کافور بود

Ҷони мо ойинаи ҳақи гашт ва аз мо шуд падед

جان ما آئینه حق گشت و از ما شد پدید

Ончунон ганҷӣ ки дар кунҷи азали мастур буд

آنچنان گنجی که در کنج ازل مستور بود

Буд дар таври фанои масти таҷаллӣҳо ҳусайн

بود در طور فنا مست تجلیها حسین

Пеш аз Андам ки ҳикоёт кулему тавр буд

پیش از آندم که حکایات کلیم و طور بود