Даии шайх бо чароғи ҳамеи гашти гирди шаҳр

دی شیخ با چراغ همی‌گشت گرد شهر

Каз дому дади малулам ва инсонам орзӯаст

کز دام و دد ملولم و انسانم آرزوست

Зоин ҳамРаҳон сусти аносир дилам гирифт

زاین همرهان سست‌عناصر دلم گرفت

Шери худоу рустам дстонм орзӯаст

شیر خدا و رستم دستانم آرزوست

Гуфтам ки ёфт менашавад ҷустаем мо

گفتم که یافت می‌نشود جسته‌ایم ما

Гуфт ончӣ ёфт менашавад онам орзӯаст

گفت آنچه یافت می‌نشود آنم آرزوست

Мавлонои ҷалоли аддӣни рӯмӣ

مولانا جلال الدین رومی