Ғазали сарой ва навоҳои рафтаи боз овар

غزل سُرای و نواهای رفته باز‌آور

Ба ин фусурдаи дилони ҳарфи дили навоз овар

به این فسرده‌دلان حرفِ دل‌نواز آور

Кунишату каъбау бтхонаҳу килисо ро

کِنشت و کعبه و بتخانه و کلیسا را

Ҳазор фитна аз он чашми ним боз овар

هزار فتنه از آن چشمِ نیم‌باز آور

зи бодаи ӣӣ ки бхоки ман оташӣ омехт

ز باده‌ئی که بخاکِ من آتشی آمیخت

Пиёлаи ӣии бҷўонони нави ниёз овар

پیاله‌ئی بجوانانِ نو‌ نیاز آور

Нӣӣ ки дили зи навояши бсинаҳ май рақсад

نئی که دل ز نوایش بسینه می‌رقصد

Мӣӣ ки шишаи ҷонро диҳад гудоз овар

مئی که شیشهٔ جان را دهد گداز‌ آور

Ба Нитсаатон аҷами боди субҳдам тез аст

به نیستانِ عجم بادِ صبحدم تیز است

Шарораи ӣӣ ки фурӯ мечакад зи соз овар

شراره‌ئی که فرو می‌چکد ز ساز آور