Ман дӯши қазои ёру қадари пуштам буд
من دوش قضا یار و قدر پشتم بود
Норанҷи занхдони ту дар муштам буд
نارنج زنخدان تو در مشتم بود
Дидам ки ҳамеи газами лаби ширинат
دیدم که همی گزم لب شیرینت
Аз хоб паридам сарангуштам буд
از خواب پریدم سرانگشتم بود
Ман дӯши қазои ёру қадари пуштам буд
من دوش قضا یار و قدر پشتم بود
Норанҷи занхдони ту дар муштам буд
نارنج زنخدان تو در مشتم بود
Дидам ки ҳамеи газами лаби ширинат
دیدم که همی گزم لب شیرینت
Аз хоб паридам сарангуштам буд
از خواب پریدم سرانگشتم بود