Чанд хурии хӯни дилам , чист туро бо дили ман ?
چند خوری خون دلم، چیست ترا با دل من؟
Чанд кашами ҷавру ситам , вои дили ман вои дили ман
چند کشم جور و ستم، وا دل من وا دل من
Зулфи ту дил май талабад аз ман бедил ба чаҳ рӯй
زلف تو دل می طلبد از من بیدل به چه روی
Ғамзаи ғоратгари ту барад ба яғмои дили ман
غمزه غارتگر تو بُرْد به یغما دل من
Хастаи дил ғам задаам танг тараст аз даҳанат
خسته دل غم زده ام تنگ تر است از دهنت
То даҳани танг туро кард таманнои дили ман
تا دهن تنگ ترا کرد تمنّا دل من
Хайли хаёлат чу кунад бар дили ғмдидаҳи гузар
خیل خیالت چو کند بر دل غمدیده گذر
Доман гавҳар диҳадаш дидаи дарёи дили ман
دامن گوهر دهدش دیده دریا دل من
То нарасад чашм бидон оташи рухсори туро
تا نرسد چشم بدان آتش رخسار ترا
Боди сапандӣ бар он оризи зебои дили ман
بادِ سپندی بر آن عارض زیبا دل من
Ҳар шикан аз зулф ту шуд маскану мأўои дилӣ
هر شکن از زلف تو شد مسکن و مأوای دلی
Бастаи зулф сияҳат нест ба танҳо дили ман
بسته زلف سیهت نیست به تنها دل من
Шиша софаст дилами санг сиёҳаст дилат
شیشه صاف است دلم سنگ سیاه است دلت
Фарқ бибин чанд буд аз дили ту то дили ман
فرق ببین چند بود از دل تو تا دل من
Гарчи ба нодидан ман ҳаст шикеби дили ту
گرچه به نادیدن من هست شکیبا دل تو
Лек ба нодидан ту нест шикеби дили ман
لیک به نادیدن تو نیست شکیبا دل من
Манъ кунандам ки ҷалол аз паии дил чанд рӯй
منع کنندم که جلال از پی دل چند روی
Боз гузоред марои баҳри худо бо дили ман
باز گذارید مرا بهر خدا با دل من