Ман сар зулфаш намедодам зи даст
من سر زلفش نمی دادم ز دست
Лекин аз бӯяш шудам мадҳушу маст
لیکن از بویش شدم مدهوش و مست
Рафт зулф ӯ зи дастами ин замон
رفت زلف او ز دستم این زمان
Ҳаст доғӣ бар дилами зини сон ки ҳаст
هست داغی بر دلم زین سان که هست
То ту бар пои хостии сарвӣ чу ту
تا تو بر پا خاستی سروی چو تو
Дар ҳама бустон намеояд ба даст
در همه بستان نمی آید به دست
Ҳеҷ сар бе тавқи ишқ ту намонад
هیچ سر بی طوق عشق تو نماند
Ҳеҷ дил аз банди зулф ту нараст
هیچ دل از بند زلف تو نرست
эй ба даври наргиси махмури ту
ای به دور نرگس مخمور تو
Шайхи дардии нӯшу зоҳид май параст
شیخ دُردی نوش و زاهد می پرست
Зон сари гесу ки дар хокаши кашӣ
زان سر گیسو که در خاکش کشی
Бас ки сарҳо кардае дар хоки паст
بس که سرها کرده ای در خاک پست
Дида аз тираш наме бандам ки дар
دیده از تیرش نمی بندم که در
Бар расӯл дӯст натавонем баст
بر رسول دوست نتوانیم بست
Ман шунидам васфи тирандозӣ аш
من شنیدم وصف تیراندازی اش
Ваон суханҳо як ба як дар дил нишаст
وان سخنها یک به یک در دل نشست
Бо ҷалоли он аҳд ва он паймон ки кард
با جلال آن عهد و آن پیمان که کرد
Ҳамчуи зулфи хештани дарҳами шикаст
همچو زلف خویشتن درهم شکست